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Jharkhand News: राज्य सरकार ने पलामू टाइगर रिजर्व क्षेत्र से विस्थापित परिवारों के पुनर्वास को लेकर एक बड़ा कदम उठाया है। झारखंड की मुख्य सचिव अलका तिवारी ने शनिवार को मेदिनीनगर सदर प्रखंड के पोलपोल गांव स्थित बिकाबेल में पुर्नवासित ग्रामीणों से मुलाकात की और उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना। इस दौरान कई वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी और जनप्रतिनिधि भी उपस्थित थे।
मुख्य सचिव ने लातेहार जिले के गारू प्रखंड के कुजरूम और जागीर गांव से विस्थापित 57 परिवारों के हालात की जानकारी ली, जिन्हें बिकाबेल में बसाया गया है। उन्होंने कहा कि इन परिवारों को सिर्फ घर नहीं, बल्कि उनके आवंटित भूमि और मकानों का दस्तावेजी मालिकाना हक भी दिया जाएगा। इसके लिए संबंधित अधिकारियों को रजिस्टर-2 में इन लोगों के नाम दर्ज करने का प्रस्ताव तैयार कर राज्य सरकार को भेजने का निर्देश दिया गया है।
मुख्य सचिव ने बिकाबेल को एक मॉडल ग्राम के रूप में विकसित करने की योजना की बात भी कही। इसके अंतर्गत प्रत्येक परिवार को आधार कार्ड में पता अपडेट करवाने, शिक्षा, स्वास्थ्य, पशुपालन, कृषि और सिंचाई की योजनाओं से जोड़ने का निर्देश दिया गया। बच्चों के लिए आंगनबाड़ी केंद्र और स्कूलों से जोड़ने की प्रक्रिया शुरू करने को कहा गया है।
मुख्य सचिव ने यह भी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि सभी विस्थापितों को बिजली, पेयजल, पथ, कम्युनिटी सेंटर और अन्य बुनियादी सुविधाएं मिलें। उन्होंने गांव में सोहराई पेंटिंग और ग्रामीणों की पसंद के अनुसार दीवार चित्रण कराने, पथवे निर्माण और सामुदायिक भवन की व्यवस्था की भी बात कही।
पलामू उपायुक्त शशि रंजन ने बताया कि पोलपोल में अब तक कुजरूम से 35 और जागीर से 22 परिवारों को पुनर्वासित किया जा चुका है। शेष परिवारों के लिए प्रक्रिया जारी है। सभी कार्डधारियों को राशन और अन्य जरूरी सुविधाएं दी जा रही हैं। सिंचाई के लिए नहर प्रणाली विकसित की जा रही है।

