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Ranchi : झारखंड में ठंड की दस्तक अब पूरी तरह महसूस होने लगी है। नवंबर का अंतिम सप्ताह राजधानी रांची समेत पूरे राज्य के लिए ठिठुरन भरी सुबह लेकर आया है। न्यूनतम तापमान लगातार नीचे जा रहा है और शीतलहर जैसी स्थिति कई जिलों में बन चुकी है। बुधवार को तापमान में आई गिरावट ने आम लोगों की दिनचर्या पर साफ असर दिखाया।
राजधानी रांची में न्यूनतम तापमान दो डिग्री की गिरावट के साथ 11.1 डिग्री से नीचे फिसलकर 9.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। यह इस सीजन का अब तक का एक प्रमुख ठंडा पड़ाव माना जा रहा है। सुबह होते ही सड़कों पर हल्की धुंध और सर्द हवाओं की दस्तक ने लोगों को गरम कपड़ों का सहारा लेने पर मजबूर कर दिया।
जमशेदपुर में भी पारा 13.5 डिग्री से गिरकर 11.6 डिग्री सेल्सियस पर रिकॉर्ड किया गया। औद्योगिक शहर में ठंडी पछुआ हवाओं ने लोगों को सामान्य से पहले ही स्वेटर और जैकेट पहनाने पर मजबूर कर दिया। जबकि पलामू संभाग का मुख्य शहर डालटेनगंज 10.2 डिग्री से गिरकर 8.2 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया, जहां सुबह की ठंडक खासे तीखेपन के साथ महसूस की गई।
बोकारो में तापमान 13.8 से गिरकर 9.1 डिग्री और चाईबासा में 13.8 से गिरकर 11.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इन जिलों में दिनभर तेज पछुआ हवा चलती रही जिससे ठंड का असर और बढ़ गया। सुबह-शाम की कनकनी ने राहगीरों और कामकाजी लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने पर मजबूर किया।
राज्यभर से मिल रहे आंकड़ों में पिछले 24 घंटों में खूंटी सबसे ठंडा जिला रहा, जहां न्यूनतम तापमान 6.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। वहीं चाईबासा 28.8 डिग्री सेल्सियस के साथ सबसे गर्म स्थान रहा, जहां दिन का तापमान अभी भी अपेक्षाकृत सामान्य है। यह विरोधाभास झारखंड की विविध भौगोलिक परिस्थितियों को भी दर्शाता है।
बुधवार को अधिकतम तापमान की बात करें तो रांची में पारा 23.6 डिग्री, जमशेदपुर में 28.2 डिग्री, डालटेनगंज में 28.4 डिग्री, बोकारो में 24.5 डिग्री और चाईबासा में 28.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। दिन में धूप हल्की-हल्की निकलने के कारण लोगों को कुछ राहत तो मिली लेकिन सुबह और शाम की सर्द हवाएं लगातार सक्रिय रहीं।
सर्दी बढ़ने का सीधा असर रोजमर्रा की गतिविधियों पर भी दिखा। रांची समेत कई जिलों में लोग सुबह घर से निकलते ही स्वेटर, मफलर, जैकेट, टोपी और ग्लब्स में खुद को ढँककर बाहर निकले। चाय की दुकानों पर भीड़ बढ़ गई और अलाव के आसपास लोगों की मंडलियां गर्माहट तलाशती दिखाई दीं। स्कूल जाने वाले बच्चों को भी ठंड के कारण काफी परेशानी हुई। माता-पिता ने बच्चों को अतिरिक्त गरम कपड़ों से लैस कर भेजा ताकि कनकनी से वे सुरक्षित रह सकें।
मौसम विभाग के अनुसार, पछुआ हवाओं की वजह से राज्य में ठंड का प्रभाव लगातार बढ़ रहा है और आने वाले कुछ दिनों में तापमान और नीचे जाने की संभावना है। विभाग ने लोगों से सुबह-शाम अनिवार्य रूप से गरम कपड़े पहनने, बुजुर्गों और बच्चों को विशेष सावधानी बरतने तथा मौसम के बदलते मिजाज पर नजर रखने की सलाह दी है।
झारखंड में ठंड का यह शुरुआती दौर आगे और तीखा हो सकता है। ऐसे में नागरिकों के लिए जरूरी है कि वे मौसम के अनुरूप स्वयं को तैयार रखें और स्वास्थ्य संबंधी सावधानियों का पालन करें। राज्य के पर्वतीय और वन क्षेत्रों में तापमान के और नीचे जाने की संभावना जताई जा रही है, जिससे आने वाले सप्ताह में ठंड का प्रभाव और व्यापक हो सकता है।

