पश्चिमी सिंहभूम: झारखंड के नक्सल प्रभावित पश्चिमी सिंहभूम जिले के सारंडा जंगलों में सोमवार की सुबह एक बार फिर बारूदी विस्फोट की गूँज सुनाई दी। नक्सलियों द्वारा सुरक्षा बलों को निशाना बनाने के लिए बिछाए गए आईईडी (IED) की चपेट में आने से कोबरा 205 बटालियन के एक जवान, अनुज कुमार घायल हो गए हैं। हालांकि, राहत की खबर यह है कि जवान को मामूली चोटें आई हैं और उनकी स्थिति खतरे से बाहर बताई जा रही है।
नियमित सर्च ऑपरेशन के दौरान हुआ धमाका
जानकारी के अनुसार, बालिबा गांव के समीप चडरा डेरा क्षेत्र में सुरक्षा बल नक्सलियों के खिलाफ नियमित तलाशी अभियान (SOP) चला रहे थे। घने जंगलों और दुर्गम रास्तों के बीच जवान बेहद सतर्कता से आगे बढ़ रहे थे, तभी अचानक नक्सलियों द्वारा प्लांट किया गया एक आईईडी जोरदार धमाके के साथ फट गया। इसकी चपेट में आने से जवान अनुज कुमार घायल हो गए। घटना के तुरंत बाद साथी जवानों ने मोर्चा संभाला और घायल साथी को प्राथमिक उपचार देकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। बेहतर और विशेषज्ञ इलाज के लिए उन्हें रांची के अस्पताल में भर्ती कराने की तैयारी की जा रही है।
एसपी अमित रेणु की कड़ी चेतावनी
घटना की पुष्टि करते हुए पश्चिमी सिंहभूम के पुलिस अधीक्षक (एसपी) अमित रेणु ने इसे नक्सलियों की हताशा में की गई ‘कायराना हरकत’ करार दिया। उन्होंने बताया कि नक्सली अपनी पकड़ ढीली होते देख इस तरह के घातक हथकंडे अपना रहे हैं, जिससे न केवल सुरक्षा बल बल्कि मासूम ग्रामीण भी अक्सर अपनी जान गंवा देते हैं। एसपी ने स्पष्ट किया कि इस हमले से जवानों के हौसले पस्त नहीं होंगे, बल्कि नक्सलियों के खात्मे के लिए ‘कॉम्बिंग ऑपरेशन’ को और अधिक तीव्र किया जाएगा।
सारंडा में हाई अलर्ट
धमाके के बाद पूरे सारंडा क्षेत्र में सुरक्षा बलों ने सर्च ऑपरेशन को और भी सघन कर दिया है। संदिग्ध गतिविधियों पर ड्रोन और अन्य तकनीकी माध्यमों से नजर रखी जा रही है। बता दें कि सारंडा का घना जंगल अपनी भौगोलिक चुनौतियों के कारण नक्सलियों के लिए सुरक्षित पनाहगाह रहा है, लेकिन सुरक्षा एजेंसियां अब इस किले को भेदने के लिए आर-पार की लड़ाई के मूड में हैं। फिलहाल, पूरे इलाके में सर्च जारी है और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।



