India News: छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले के माड़ क्षेत्र में शुक्रवार को 208 नक्सलियों ने सामूहिक आत्मसमर्पण किया, जिससे क्षेत्र में शांति और बदली हुई दिशा की बड़ी पहल नजर आई। पिछले तीन दिनों में 405 नक्सलियों ने प्रशासन के सामने हथियार डाल दिए हैं। इनमें 110 महिलाएं और कई उच्च पदस्थ माओवादी कैडर शामिल हैं।
अधिकारियों के अनुसार, आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों ने कार्यक्रम स्थल पर भारतीय संविधान की प्रति लेकर पहुंचे और ‘पुनः मार्गेमें’ बैनर के साथ पुनर्वास की नई शुरुआत की। इस दौरान 153 हथियार भी सुरक्षाबलों को सौंपे गए, जिनमें कई एके-47, एसएलआर, इंसास राइफल, लाइट मशीन गन, बारूद व अन्य हथियार शामिल थे।
अत्यधिक चर्चित आत्मसमर्पण करने वालों में रूपेश (सतीश उर्फ असन्ना) बतौर उत्तर-पश्चिम उप-क्षेत्रीय प्रभारी शामिल रहे, जो माओवादी संगठन के मुख्य खुफिया और विस्फोटक विशेषज्ञ थे। उन्होंने बीजापुर पुलिस मुख्यालय में पहली पहल की थी।
सरकार की रणनीति और परिणाम
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस घटना को क्षेत्र में माओवादी हिंसा से आशा और विकास की ओर बदलाव का प्रतीक बताया। उनका कहना है कि स्थानीय लोगों की आत्मनिर्भरता, शिक्षा, सम्मान और सरकार की विकास योजनाएं नक्सलवाद के खिलाफ सबसे बड़ी ताकत बन रही हैं। उत्तरी बस्तर और अबूझमाड़ को नक्सलवाद से मुक्त घोषित किया गया है। बीते 22 महीनों में राज्य में 477 नक्सली मारे जा चुके हैं, 1,785 गिरफ्तार हुए हैं और 2,110 ने आत्मसमर्पण किया है। यह सरकार की रणनीतिक जीत का परिणाम है।



