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Ranchi : झारखंड में राज्यपाल आवास ‘राजभवन’ का नाम अब आधिकारिक रूप से बदल दिया गया है। केंद्र सरकार से स्वीकृति मिलने के बाद झारखंड राजभवन को अब “लोक भवन” के नाम से जाना जाएगा। यह जानकारी राज्यपाल सचिवालय, झारखंड द्वारा 3 दिसंबर 2025 को जारी अधिसूचना के माध्यम से सार्वजनिक की गई।
गृह मंत्रालय, भारत सरकार के पत्र संख्या 7/10/2025 (Part)-M&G दिनांक 25 नवंबर 2025 में झारखंड के लिए भेजे गए प्रस्ताव को राज्यपाल ने स्वीकृति प्रदान की। इसके बाद रांची स्थित मौजूदा राजभवन का नाम बदलकर “लोक भवन, झारखंड” कर दिया गया है। अधिसूचना के अनुसार यह नया नाम तत्काल प्रभाव से पूरे राज्य में लागू माना जाएगा।
राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव नितीन मदन कुलकर्णी द्वारा हस्ताक्षरित इस आदेश की प्रतिलिपि केंद्र और राज्य की कई महत्वपूर्ण संस्थाओं एवं अधिकारियों को भेजी गई है, ताकि नाम परिवर्तन से संबंधित सभी औपचारिकताएँ समय पर पूरी की जा सकें। अधिसूचना की प्रति राष्ट्रपति सचिवालय, उपराष्ट्रपति सचिवालय, प्रधानमंत्री कार्यालय, कैबिनेट सचिवालय, गृह मंत्रालय तथा झारखंड सरकार के विभिन्न विभागों, प्रमुख सचिवों, आयुक्तों और पुलिस अधिकारियों को भेजी गई है।
इसके अलावा झारखंड उच्च न्यायालय, राज्यपाल के सलाहकार, मंडलायुक्त, उपायुक्त, नगर निगम, सूचना एवं जनसंपर्क विभाग और राज्य के अन्य प्रमुख प्रशासनिक पदाधिकारियों को भी इस अधिसूचना की प्रति उपलब्ध कराई गई है। सभी विभागों को निर्देश दिया गया है कि वे आधिकारिक अभिलेखों, पत्राचार, वेबसाइटों और सार्वजनिक संचार माध्यमों में राजभवन के स्थान पर अब “लोक भवन” नाम का ही उपयोग करें।
राजभवन का नाम बदलकर लोक भवन किए जाने के पीछे उद्देश्य प्रशासनिक पारदर्शिता, नागरिक-केन्द्रित शासन और आधुनिक लोकतांत्रिक मूल्यों को बढ़ावा देना माना जा रहा है। नाम परिवर्तन से यह संदेश भी जाता है कि राज्य का सर्वोच्च संवैधानिक कार्यालय जनता के लिए अधिक सुगम और जनोन्मुखी रूप में कार्य करेगा।
अधिसूचना जारी होने के साथ ही राज्यपाल आवास परिसर के सभी बोर्ड, नाम-पट्ट, आधिकारिक दस्तावेज और संचार माध्यमों में नए नाम का उपयोग अनिवार्य हो गया है। यह झारखंड प्रशासन के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है, जिसके बाद अब राज्यपाल का आधिकारिक आवास पूरे देश में “लोक भवन, झारखंड” के रूप में पहचाना जाएगा।
62 एकड़ परिसर में इतिहास, सौंदर्य और धरोहर का अनोखा संगम
झारखंड की राजधानी रांची में स्थित राज्यपाल आवास ‘राजभवन’ (अब लोक भवन) राज्यपाल का आधिकारिक आवास है और यह भवन अपनी भव्यता, इतिहास और प्राकृतिक सौंदर्य के लिए देशभर में प्रसिद्ध है। आज ही इसका नाम बदलकर लोक भवन रखा गया है। यह परिसर न केवल प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि अपनी समृद्ध वास्तुकला और शांत परिवेश के कारण भी विशेष महत्व रखता है।
62 एकड़ में फैले इस विशाल परिसर का निर्माण वर्ष 1930 में शुरू हुआ और मार्च 1931 में 7 लाख रुपये की लागत से इसे पूरा किया गया। इसे ब्रिटिश वास्तुकार ए.आर. सैडलो बैलेर्ड ने डिजाइन किया था। भवन का स्वरूप औपनिवेशिक वास्तुकला की उत्कृष्ट छाप को दर्शाता है, जो आज भी शानदार रूप से संरक्षित है।
राजभवन परिसर में स्थित ऑड्रे हाउस इसकी ऐतिहासिक धरोहर का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसे 1854 में कैप्टन हैनिंगटन, उस समय के छोटानागपुर के डिप्टी कमिश्नर (1850–1856) ने बनवाया था। लंबे समय तक यह भवन ब्रिटिश शासनकाल के दौरान गर्मी की राजधानी रांची में राज्यपाल सचिवालय के विस्तार के रूप में उपयोग होता रहा। आज यह गवर्नर सचिवालय के रूप में कार्य करता है और झारखंड की सांस्कृतिक विरासत का प्रमुख प्रतीक है। लोक भवन के विशाल परिसर में कई खूबसूरत लॉन और उद्यान हैं, जिन्हें राष्ट्रीय और ऐतिहासिक व्यक्तित्वों के नाम पर विकसित किया गया है।
लोक भवन के प्रमुख उद्यान
अकबर गार्डन:
2005 में विकसित यह उद्यान रंग-बिरंगे गुलाबों और मौसमी फूलों के लिए प्रसिद्ध है।
बुद्ध गार्डन:
शांत वातावरण और आकर्षक लैंडस्केप वाला यह गार्डन एक सुंदर ग्रीन हाउस के लिए जाना जाता है।
अशोक लॉन:
लगभग 52,000 वर्ग फीट क्षेत्रफल वाला यह प्रमुख लॉन राजभवन की शान बढ़ाता है।
मूर्ति गार्डन:
करीब 15,000 वर्ग फीट में फैला यह उद्यान मनमोहक मूर्तियों और फूलों से सुसज्जित है। इसी परिसर में स्थित लिली तालाब लगभग 12,000 वर्ग फीट का है।
महात्मा गांधी गार्डन:
राजभवन के दक्षिणी भाग में स्थित यह उद्यान औषधीय पौधों का अनोखा संग्रह है। इसके बीच एक आकर्षक फव्वारा भी है।

