Bokaro News: 20 सितंबर को राज्य भर में कुर्मी समाज के लोगों ने अपने अधिकारों की मांग को लेकर रेल टेको डहर छेको अभियान चलाया। बोकारो जिले के चंद्रपुरा जंक्शन, जो भारत का दूसरा फाइव-पॉइंट जंक्शन है, इस आंदोलन का मुख्य स्थल बना। हजारों महिला, पुरुष और युवा ढोल नगाड़े की थाप पर नाचते-गाते और नारेबाजी करते हुए रेलवे ट्रेक पर पहुंच गए।
आंदोलन का नेतृत्व और समर्थन
प्रशासन और नेताओं के बीच वार्ता
रात्रि 12 बजे प्रशासन और आंदोलनकारी नेताओं के बीच वार्ता हुई। इस वार्ता में निम्न बातें तय हुईं:
-
चंद्रपुरा में किसी भी कुर्मी समाज के आंदोलनकारी या नेता पर कोई मामला दर्ज नहीं किया जाएगा।
-
आंदोलन की जानकारी और मांग केंद्र सरकार और राज्य सरकार तक पहुंचाई जाएगी।
-
तीन महीने के भीतर सरकार उचित मंच पर इस विषय पर चर्चा करेगी।
आंदोलन की समाप्ति और ट्रेनों का परिचालन
आंदोलन की मांगें और भविष्य की योजना
-
कुर्मी भाषा को एसटी दर्जा में शामिल करना
-
अनुसूचित जनजाति का दर्जा प्राप्त करना
सरकार ने तीन महीने के भीतर उचित मंच पर इन मांगों पर चर्चा करने का आश्वासन दिया।



