चैनपुर प्रखंड मुख्यालय में रविवार को वट सावित्री व्रत का पावन पर्व बड़े ही श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ मनाया गया। सुहागिन महिलाओं ने पति की लंबी उम्र और सुख-समृद्ध वैवाहिक जीवन की कामना के लिए निर्जला उपवास रखकर वट वृक्ष की पूजा-अर्चना की। इस अवसर पर पूरे क्षेत्र में धार्मिक उत्साह का वातावरण देखने को मिला।
पौराणिक कथा के अनुसार, माता सावित्री ने इसी वट वृक्ष के नीचे यमराज से अपने मृत पति सत्यवान को वापस पाया था। तभी से वट वृक्ष की पूजा का विशेष महत्व माना जाता है। पुरोहित अविनाश पाठक, संजय पाठक और अमरेश पाठक ने बताया कि हिंदू शास्त्रों में वट वृक्ष को अत्यंत पूजनीय माना गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस वृक्ष में ब्रह्मा, विष्णु और महेश – तीनों देवों का वास होता है, जो इसे हमारे सनातन धर्म में एक विशेष स्थान दिलाता है। इसी कारण वट सावित्री व्रत के दिन इस वृक्ष की पूजा को बेहद शुभ और फलदायी माना जाता है।



