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World News: संयुक्त राष्ट्र महासभा में भाषण देने के बाद फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों को न्यूयॉर्क की सड़क पर पैदल चलते हुए देखा गया। यह दृश्य आम लोगों के लिए बिल्कुल अनोखा था, क्योंकि दुनिया के सबसे ताकतवर देशों में वीवीआईपी नेताओं के काफिले हमेशा पूरी सुरक्षा के साथ चलते हैं।
मैक्रों महासभा से लौटकर फ्रांसीसी दूतावास जा रहे थे। तभी अमेरिकी पुलिस ने सड़क बंद कर दी। उन्हें बाद में पता चला कि यह व्यवस्था अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के काफिले की सुरक्षित रवानगी के लिए की गई थी। मैक्रों ने तुरंत कार से बाहर निकलकर अमेरिकी पुलिसकर्मी से बातचीत की, लेकिन रोड ब्लॉक खुलने में समय लग रहा था।
हालात को देखते हुए मैक्रों ने अपने फोन से ट्रंप को कॉल किया। पैदल चलते हुए उन्होंने हल्के-फुल्के अंदाज में कहा, “आप कैसे हैं? क्या आप जानते हैं कि मैं सड़क पर फंस गया हूँ, क्योंकि आपके काफिले के कारण रास्ता बंद है। जल्दी रास्ता खाली कर दें।” इस बातचीत में मैक्रों ने ह्यूमर का तड़का लगाते हुए स्थिति को सहज बनाने की कोशिश की।
इस दौरान मैक्रों ने लगभग 30 मिनट तक न्यूयॉर्क की सड़क पर पैदल यात्रा की। पैदल चलने का यह नज़ारा वहां मौजूद स्थानीय लोगों के लिए बेहद रोमांचक था। कुछ लोग उनके पास आकर सेल्फी लेने लगे, जबकि कुछ ने उनके माथे को चूमकर अभिवादन किया। सुरक्षा कर्मियों ने भी लोगों के उत्साह को कम नहीं किया और मैक्रों के पैदल सफ़र के दौरान कोई कठोरता नहीं दिखाई।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस घटना ने यह दिखाया कि बड़े नेताओं के लिए भी कभी-कभी आम नागरिकों जैसी परिस्थिति बन सकती है। आम तौर पर वीवीआईपी नेता पूरी सुरक्षा के साथ गाड़ियों में चलते हैं और पैदल सड़क पर निकलना दुर्लभ दृश्य होता है। इस घटना ने अमेरिकी मीडिया में भी हल्की-फुल्की चर्चा छेड़ दी।
इस पैदल सफ़र ने मैक्रों की सहज और मित्रवत छवि को और मजबूती दी। कई न्यूयॉर्कवासी इस मौके को यादगार मान रहे थे। सोशल मीडिया पर भी लोग मैक्रों की इस अनोखी तस्वीरों और वीडियो को शेयर कर रहे हैं।
हालांकि, इस घटना से यह भी साफ़ हुआ कि विश्व राजनीति में सुरक्षा और वीवीआईपी प्रोटोकॉल कितने सख्त हैं। ट्रंप का काफिला और अमेरिकी सुरक्षा व्यवस्था किसी भी स्थिति में नेता को जोखिम से बचाने के लिए पूरी तरह मुस्तैद रहती है। लेकिन मैक्रों ने इस पूरी स्थिति को हास्य और मित्रवत अंदाज में संभालते हुए न्यूयॉर्कवासियों को भी अपने करीब महसूस कराया।
इस घटना ने यह भी दर्शाया कि उच्च स्तरीय नेताओं के बीच भी मानवता और सरलता के पल हो सकते हैं। पैदल चलकर दूतावास पहुंचना मैक्रों के लिए एक असामान्य कदम था, लेकिन इससे स्थानीय लोगों और विश्वभर के दर्शकों को मजेदार और यादगार अनुभव मिला।

