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Ranchi : मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में मंत्रिपरिषद की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। इस बैठक में राज्य हित से जुड़े कई अहम फैसले लिए गए। शिक्षा, ऊर्जा, पेयजल, पुनर्वास, सामाजिक सुरक्षा, उपभोक्ता अधिकारों और अधोसंरचना विकास से जुड़े प्रस्तावों पर सहमति बनी। बैठक में सबसे पहले राँची स्थित राजकीय पॉलिटेक्निक संस्थान को अत्याधुनिक संस्थान के रूप में विकसित करने की योजना को स्वीकृति दी गई। इसके अंतर्गत नए भवन का निर्माण और पुराने ढांचे के जीर्णोद्धार पर कुल ₹97.65 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
शहीद नीलाम्बर-पीताम्बर परियोजना को मिला बल
राज्य सरकार ने केंद्र सरकार के सहयोग से चल रही उत्तर कोयल परियोजना के शेष कार्यों को पूरा करने के लिए ₹774.55 करोड़ की प्रशासनिक स्वीकृति दी। यह परियोजना राज्य के सिंचाई और पेयजल आपूर्ति क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान देगी।
जल मिशन और राज्य विशेष कार्य योजना
जलवायु परिवर्तन की राष्ट्रीय कार्ययोजना (NAPCC) के अंतर्गत राष्ट्रीय जल मिशन द्वारा निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए झारखंड राज्य की स्टेट स्पेसिफिक एक्शन प्लान (SSAP) तैयार करने हेतु NIH, रुड़की के साथ पुनरीक्षित समझौते को मंजूरी दी गई।
निजी सुरक्षा अभिकरण नियमावली में संशोधन
गृह मंत्रालय के निर्देश के आलोक में झारखंड निजी सुरक्षा अभिकरण नियमावली, 2023 में आवश्यक संशोधन को कैबिनेट ने हरी झंडी दी।
उत्पाद नीति और वैट दरों में बड़ा बदलाव
मदिरा की खुदरा बिक्री को लेकर बनी नई नियमावली 2025 के अनुसार राज्य सरकार ने वैट दरों में व्यापक बदलाव किया है। अब विदेशी शराब पर वैट दर 75% से घटाकर 5% और देशी शराब पर 35% से घटाकर 1% कर दी गई है। इससे उपभोक्ताओं और कारोबारियों दोनों को राहत मिलेगी।
वन स्टॉप सेंटर और उपभोक्ता आयोग
राज्य में महिलाओं की सुरक्षा और सहयोग के लिए 4 नए वन स्टॉप सेंटर खोलने की स्वीकृति दी गई। साथ ही झारखंड राज्य उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग एवं जिला आयोग के अध्यक्षों और सदस्यों के कार्यकाल को भी बढ़ा दिया गया।
बालिका शिक्षा कर्मियों के मानदेय में वृद्धि
कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय और झारखंड बालिका आवासीय विद्यालय के कर्मियों के मानदेय में 4% की वार्षिक वृद्धि का निर्णय लिया गया।
अन्य महत्वपूर्ण प्रशासनिक निर्णय
- रांची के तत्कालीन अंचल अधिकारी रवि किशोर राम के खिलाफ विभागीय दंड “निंदन” को यथावत रखा गया।
- झारखंड सचिवालय कार्यालय प्रक्रिया हस्तक, 2025 को स्वीकृति मिली।
- राज्य के 5 जिलों में एनडीपीएस थाना की स्थापना की जाएगी।
शिक्षा और आवासीय विद्यालय
नेतरहाट आवासीय विद्यालय की तर्ज पर कोल्हान (चाईबासा), संथाल परगना (दुमका) और उत्तरी छोटानागपुर (हजारीबाग, बोकारो) में नए आवासीय विद्यालयों के भवन निर्माण हेतु ₹116.54 करोड़ की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।
न्यायालयीय आदेशों के अनुपालन
अजीत कुमार देव एवं जयदेव प्रसाद सिंह जैसे सेवानिवृत्त कर्मचारियों की पेंशन की गणना में दैनिक वेतनभोगी अवधि को जोड़ने की मंजूरी दी गई। इसी प्रकार WP(S) No. 6042/2015 एवं संबंधित वादों के अनुपालन में महिला प्रसार पदाधिकारियों के समायोजन और सेवान्त लाभ को स्वीकृति दी गई।
मुआवजा और पुनर्वास
जमशेदपुर के एमजीएम अस्पताल में हुए हादसे के पीड़ितों को मुआवजा राशि देने की स्वीकृति मिली। वहीं, शहीद नीलाम्बर-पीताम्बर (मंडल डैम) परियोजना के डूब क्षेत्र के 780 परिवारों के पुनर्वास पर भी कैबिनेट ने सहमति दी।
पेयजल और ऊर्जा परियोजनाएं
- साहेबगंज शहरी जलापूर्ति योजना के लिए ₹68.90 करोड़ की पुनरीक्षित प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।
- कई 132 केवी संचरण लाइनों एवं ग्रिड सबस्टेशन निर्माण की योजनाओं को प्रशासनिक और वित्तीय स्वीकृति मिली। इसमें बिनोद बिहारी चौक-मैथन, बलियापुर-टुंडी, चंदनक्यारी-चास, दुग्दा-चास लाइन और टुंडी ग्रिड शामिल हैं। इन योजनाओं पर कुल सैकड़ों करोड़ रुपये खर्च होंगे।
पंचम राज्य वित्त आयोग की रिपोर्ट
कैबिनेट ने पंचम राज्य वित्त आयोग की पहली रिपोर्ट पर गठित समिति की सिफारिशों को स्वीकार कर लिया।
औद्योगिक और वन विभाग से जुड़े निर्णय
- पश्चिमी सिंहभूम जिले में हिन्डाल्को इंडस्ट्रीज लिमिटेड को 271.92 एकड़ गैरमजरुआ भूमि का स्थायी हस्तांतरण मंजूर किया गया, जिससे चकला कोल ब्लॉक में अपयोजित वन भूमि का प्रतिपूर्ति रोपण किया जा सकेगा।
- सहायक पुलिस कर्मियों की सेवा अवधि बढ़ाने पर सहमति बनी।
- सारंडा वन प्रमंडल के 575.19 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र को वाइल्डलाइफ सेंचुरी घोषित करने के प्रस्ताव पर चर्चा हुई। इस पर अंतिम निर्णय मंत्रियों के समूह द्वारा रिपोर्ट प्रस्तुत करने के बाद होगा।
कुल मिलाकर, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में हुई इस मंत्रिपरिषद बैठक में शिक्षा, ऊर्जा, जल आपूर्ति, पुनर्वास, सामाजिक सुरक्षा, महिला सशक्तिकरण और औद्योगिक विकास जैसे विविध क्षेत्रों में कई बड़े निर्णय लिए गए। इन फैसलों से न केवल राज्य की आधारभूत संरचना मजबूत होगी बल्कि सामाजिक और आर्थिक विकास की दिशा में भी नई गति मिलेगी।

