India News: भारत-पाकिस्तान सीमा पर ड्यूटी के दौरान गलती से सीमा पार कर गए बीएसएफ के जवान पूरनम कुमार शॉ को पाकिस्तान ने 21 दिन बाद रिहा कर भारत के हवाले कर दिया। यह रिहाई आज बुधवार सुबह अमृतसर स्थित अटारी बॉर्डर के संयुक्त चेक पोस्ट पर शांतिपूर्वक तरीके से पूरी हुई। पूरी प्रक्रिया निर्धारित प्रोटोकॉल के तहत की गई।

पश्चिम बंगाल निवासी पूरनम कुमार शॉ बीएसएफ की 73वीं बटालियन में तैनात हैं। 23 अप्रैल को पंजाब के फिरोजपुर सेक्टर में गश्त के दौरान वह अनजाने में अंतरराष्ट्रीय सीमा पार कर गए थे। सीमा पार करते ही पाकिस्तानी रेंजर्स ने उन्हें अपनी हिरासत में ले लिया और पूछताछ के लिए कस्टडी में रखा। जवान के लापता होने की सूचना मिलते ही बीएसएफ ने पाकिस्तान रेंजर्स से संपर्क किया और पुष्टि हुई कि वह पाकिस्तान की हिरासत में है।

इसके बाद बीएसएफ और पाकिस्तान रेंजर्स के बीच कई बार फ्लैग मीटिंग आयोजित की गईं। हालांकि, एक बार बैठक में पाकिस्तान की ओर से कोई प्रतिनिधि नहीं आया, जिससे तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई। इस दौरान पाकिस्तान की ओर से भारी गोलाबारी भी हुई, जिससे सीमा पर स्थिति तनावपूर्ण हो गई थी।

हालांकि बाद में दोनों देशों के बीच सीजफायर समझौते का पालन करते हुए स्थिति में सुधार हुआ। कई बार के प्रयासों और भारतीय अधिकारियों के प्रभावी हस्तक्षेप के बाद पाकिस्तान ने पूरनम कुमार शॉ को रिहा करने पर सहमति जताई।

अधिकारियों के अनुसार, जवान को अटारी बॉर्डर पर सौंपे जाने की प्रक्रिया बेहद शांतिपूर्ण रही और दोनों पक्षों ने पूरी प्रक्रिया को आपसी समन्वय से संपन्न किया। बीएसएफ के वरिष्ठ अधिकारियों ने इस कदम को दोनों देशों के बीच कार्यात्मक समन्वय का उदाहरण बताया और जवान की सुरक्षित वापसी को एक सकारात्मक घटनाक्रम करार दिया।

जवान की वापसी के बाद उन्हें चिकित्सकीय जांच के लिए सेना के विशेष केंद्र में भेजा गया है, जहां उनकी मानसिक और शारीरिक स्थिति की समीक्षा की जा रही है। परिजनों को जवान की सुरक्षित वापसी की सूचना पहले ही दे दी गई थी।

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