World News: ब्राजील के सबसे बड़े शहर रियो डी जेनेरो में ड्रग माफिया के खिलाफ पुलिस की जंग अब एक खूनी लड़ाई में बदल गई है। शहर की गलियों में दर्जनों शव पड़े हैं, गोलियों की आवाजें गूंज रही हैं और हेलिकॉप्टर से गोलाबारी जारी है। इस हिंसा में अब तक 64 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जिनमें 60 माफिया सदस्य और 4 पुलिसकर्मी शामिल हैं। इसके अलावा 75 लोग घायल हुए हैं।
हेलिकॉप्टर और बख्तरबंद वाहनों से हमला
पुलिस ने रियो के कई इलाकों में ड्रग तस्करों के ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। ऑपरेशन के दौरान हेलिकॉप्टरों और बख्तरबंद वाहनों का इस्तेमाल किया गया। बदले में माफिया गिरोहों ने ड्रोन से हथियारों की बरसात की, जिससे पुलिस बलों को भारी नुकसान उठाना पड़ा। कई क्षेत्रों में आगजनी और भारी गोलीबारी हुई। रियो की सड़कों पर पुलिस और अपराधी आमने-सामने हैं, मानो यह कोई युद्ध का मैदान हो।
81 गिरफ्तार, भारी मात्रा में ड्रग्स बरामद
अब तक पुलिस ने 81 संदिग्धों को गिरफ्तार किया है और 75 से अधिक स्वचालित राइफलें, 200 किलोग्राम कोकीन और लाखों रुपये की नगदी जब्त की है। अधिकारियों ने बताया कि यह पिछले कई दशकों में ब्राजील का सबसे बड़ा पुलिस अभियान है। राज्यपाल क्लाउडियो कास्त्रो के अनुसार, ऑपरेशन “रियो पैसिफिकाडो” के तहत लगभग 2,500 पुलिस और सैन्यकर्मी तैनात हैं।
रेड कमांडो गैंग पर सबसे ज्यादा वार
यह अभियान खास तौर पर ब्राजील के सबसे पुराने और खतरनाक अपराधी संगठन “रेड कमांडो” को खत्म करने के लिए चलाया जा रहा है। यह गैंग न सिर्फ ड्रग तस्करी में लिप्त है, बल्कि अवैध हथियार कारोबार, संपत्ति कब्जा और स्थानीय नागरिकों से सुरक्षा टैक्स वसूलने में भी सक्रिय है। गिरोह के गुर्गों ने पुलिस की कार्रवाई रोकने के लिए 50 बसों को कब्जे में लेकर सड़कें बंद कीं।
शहर में लॉकडाउन जैसा माहौल
मुठभेड़ इतनी हिंसक हो गई कि शहर के कई स्कूल और विश्वविद्यालय सुरक्षा कारणों से बंद कर दिए गए। नागरिकों को घरों में रहने की सलाह दी गई है। कई इलाकों में इंटरनेट और मोबाइल सेवाएं भी प्रभावित हुई हैं। स्थानीय मीडिया ने रिपोर्ट किया कि कई इलाकों में शव अब भी सड़कों पर पड़े हैं और स्थिति बेहद तनावपूर्ण है।
कॉप-30 से पहले शांति का परीक्षण
यह ऑपरेशन उस समय शुरू हुआ जब रियो डी जेनेरो में अगले सप्ताह “सी40 ग्लोबल मेयर्स समिट” और “प्रिंस विलियम अर्थशॉट प्राइज” जैसे संयुक्त राष्ट्र से जुड़े आयोजन होने वाले हैं। नवंबर में होने वाले “कॉप 30” सम्मेलन से पहले शहर की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ब्राजील सरकार ने इस अभियान को अनिवार्य बताया।



