Bokaro: संयुक्त किसान मोर्चा और संयुक्त ट्रेड यूनियन की ओर से 140वें मजदूर दिवस के अवसर पर शुक्रवार को चन्दनकियारी में नुक्कड़ सभा का आयोजन किया गया। इस दौरान मजदूरों की शहीद वेदी पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दी गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता किसान सभा के जिला अध्यक्ष विश्वनाथ बनर्जी ने की, जबकि संचालन संयुक्त किसान मोर्चा चन्दनकियारी के संयोजक जगन्नाथ रजवार ने किया।

ऑल इंडिया किसान खेत मजदूर संगठन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रामलाल महतो ने इस मौके पर 1886 की शिकागो हड़ताल की ऐतिहासिक घटना को याद किया। उन्होंने बताया कि अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस या मई दिन मनाने की शुरुआत 1 मई 1886 से मानी जाती है, जब अमेरिका की मजदूर यूनियनों ने काम का समय 8 घंटे से अधिक न रखे जाने के लिए हड़ताल की थी। इस हड़ताल के दौरान शिकागो की हे मार्केट में बम धमाका हुआ था। यह बम किसने फेंका, इसका किसी को कोई पता नहीं।

श्रमिकों पर गोली चला दी गई, जिसमें सात श्रमिक मारे गए। भरोसेमंद गवाहों ने तस्दीक की कि पिस्तौलों की सभी फ्लैशें गली के केंद्र की तरफ से आईं, जहां पुलिस खड़ी थी, और भीड़ की तरफ से एक भी फ्लैश नहीं आई। इससे भी आगे, प्राथमिक अखबारी रिपोर्टों में भीड़ की तरफ से गोलीबारी का कोई उल्लेख नहीं था। घटनास्थल पर एक टेलीग्राफ खंबा जो गोलियों के साथ हुआ, जो सभी की सभी पुलिस की दिशा से आई थीं। चाहे इन घटनाओं का अमेरिका पर एकदम कोई बड़ा प्रभाव नहीं पड़ा था, परंतु कुछ समय के बाद अमेरिका में 8 घंटे काम करने का समय निश्चित कर दिया गया था।

रामलाल महतो ने आगे कहा कि 1 मई 1923 को भारत में भी श्रमिकों के 8 घंटे काम करने से संबंधित नियम लागू हुए। लेकिन कॉर्पोरेट घरानों ने लगातार इन्हें तोड़ने में लगी हुई है, जिसे कभी स्वीकार नहीं किया जाएगा।

इस मौके पर डॉ. गोपाल चन्द्र महतो, नुनी वाला देवी, अनिता देवी, हाबुलाल महतो, हारु महतो, अंकित कुंभकार, अनिल महतो, जानकी महतो, उपेन्द्र नाथ शर्मा, अनिल बाउरी, राजु रजवार, वंशीधर महतो, अशोक कुमार रजवार, जुलियस फुचिक, प्रदीप कुमार यादव, बासुदेव रजवार, सुबोध कुमार आदि मौजूद रहे।

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