अपनी भाषा चुनेें :
Bokaro News: बोकारो में किसानों की आवाज फिर से जोर पकड़ने वाली है। संयुक्त किसान मोर्चा, बोकारो ने सोमवार को ऐलान किया कि 26 नवंबर को चास धर्मशाला मोड़ से जिला मुख्यालय तक बड़ा जुलूस निकाला जाएगा। इस जुलूस के दौरान मोर्चा अपनी 28 प्रमुख मांगों से जुड़ा विस्तृत मांगपत्र उपायुक्त बोकारो को सौंपेगा। संयोजक जगन्नाथ रजवार ने बताया कि तैयारियां पूरी हो चुकी हैं और इस बार किसानों की समस्याओं को मजबूती से सामने रखने का संकल्प है।
एमएसपी को कानूनी दर्जा और बिजली कानून रद्द करने की मांग
किसानों की मुख्य मांगों में फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) को कानूनी दर्जा देना सबसे ऊपर है। मोर्चा का कहना है कि MSP को मजबूती न मिलने से किसान लगातार नुकसान झेल रहे हैं।
दूसरी बड़ी मांग बिजली कानून 2022 को रद्द करने और प्रीपेड स्मार्ट मीटर लगाने पर रोक की है। किसानों के अनुसार, ये मीटर ग्रामीण और कृषि उपभोक्ताओं को और परेशान कर रहे हैं।
जमीन, सर्वे और वन अधिकारों से जुड़ी अहम मांगें
मांगपत्र में CNT–SPT एक्ट को सख्ती से लागू करने और चास–चन्दनकियारी क्षेत्र में 1982 से चल रहे त्रुटिपूर्ण सर्वे–सेटलमेंट को रद्द कर नया सर्वे करने की मांग शामिल है।
मोर्चा ने वन अधिकार कानून 2006 को पूर्ण रूप से लागू करने, भूमि बैंक को रद्द करने और जंगलों में रहने वाले मूलवासियों को वन अधिकार पट्टा अविलंब देने की मांग भी रखी है।
कृषि इनपुट, पानी और फसल सुरक्षा की बड़ी चिंता
मोर्चा का कहना है कि किसानों को खाद, बीज और कृषि उपकरण सब्सिडी दरों पर उपलब्ध होने चाहिए। साथ ही जिस तरह औद्योगिक इकाइयों को पानी दिया जा रहा है, उसी तरह किसानों को भी सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध कराया जाना चाहिए।
जंगली जानवरों- बंदर, हाथी, सुअर- द्वारा होने वाले फसल नुकसान से बचाने के लिए ठोस नीति बनाने की भी मांग की गई है।
धान खरीद, मनरेगा और बड़े आर्थिक सवाल
धान की सरकारी खरीद कीमत कम से कम 3500 रुपये प्रति क्विंटल तय करने और खरीद प्रक्रिया सरल बनाने की मांग भी जोर पकड़ रही है।
मोर्चा ने मनरेगा मजदूरों को साल में 200 दिन काम और 500 रुपये दैनिक मजदूरी देने का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया है।
किसान ऋण माफी, ब्याज–मुक्त कृषि ऋण, सामाजिक सुरक्षा पेंशन को 5000 रुपये प्रति माह करने और किसान परिवारों को स्वास्थ्य–शिक्षा–रोजगार की गारंटी जैसी मांगें भी शामिल हैं।
बोकारो के कई प्रस्तावित नए प्रखंडों को दर्जा देने की मांग
मोर्चा ने पिंड्राजोरा, बरमसिया, खैराचातर, महुआटांड़, अमलाबाद, चलकरी, चतरोचट्टी, BTPS और ऊपरघाट को पूर्ण प्रखंड का दर्जा देने की मांग भी उठाई है।
इन सबके अलावा सियालजोरी स्थित इलेक्ट्रोस्टील वेदांता द्वारा नदी में दूषित पानी बहाने पर रोक लगाने और चन्दनकियारी में डिग्री कॉलेज की स्थापना जैसी स्थानीय मांगें भी शामिल हैं।
किसान मोर्चा का दावा- “यह आंदोलन सिर्फ शुरुआत है”
जगन्नाथ रजवार ने कहा कि किसानों की आवाज़ लंबे समय से अनसुनी है। 26 नवंबर का जुलूस सरकार तक किसानों की असल समस्याएं पहुंचाने का बड़ा कदम होगा। अगर मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन आगे और तेज किया जाएगा।

