India News: बंगाल की सियासत इन दिनों वैसे ही उबल रही है, लेकिन SIR यानी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन ने माहौल को और गर्म कर दिया है। मतदाता सूची की सफाई को लेकर शुरू हुई यह प्रक्रिया अब सीधा राजनीतिक हथियार बन चुकी है। इसी बीच बीजेपी सांसद जगन्नाथ सरकार ने ममता बनर्जी पर एक बार फिर सीधा प्रहार किया है।

“फर्जी वोटरों पर खड़ी TMC, SIR से होगी पूरी पोल”

सरकार ने कहा कि अगर यह प्रक्रिया ईमानदारी से पूरी हो गई, तो तृणमूल कांग्रेस की चुनावी जड़ें हिल जाएंगी। उनका आरोप था कि बंगाल में लाखों फर्जी वोटर मौजूद हैं- जिनमें रोहिंग्या और अवैध बांग्लादेशी घुसपैठिए बड़ी संख्या में शामिल हैं। उन्होंने कहा कि “ममता इन्हीं पर निर्भर होकर चुनाव जीतती रही हैं। अब जब उनके हटने की बात हो रही है, तो दीदी डरी हुई हैं। इसलिए वह चुनाव आयोग पर दबाव बना रही हैं।”

BJP की चुनौती – “हिम्मत है तो मैदान में उतरें दीदी”

भाजपा सांसद ने ममता बनर्जी को खुली चुनौती भी दे डाली। उन्होंने कहा कि टीएमसी का जनाधार लगातार सिकुड़ रहा है और राज्य की जनता सब देख रही है कि दीदी हर बार हिंदुओं को अलग-थलग कर राजनीति करती हैं। उनका दावा था कि “ममता चाहे जितना शोर मचाएं, यह साफ हो चुका है कि अब TMC की हार तय है।”

“धमकियों और दबाव की राजनीति से सत्ता नहीं चलेगी”

सरकार ने आरोप लगाया कि TMC नेता अपनी सत्ता बचाने के लिए धमकी और दुरुपयोग का सहारा ले रहे हैं। उन्होंने एक तृणमूल विधायक पर निशाना साधा जिनके द्वारा बिना सबूत राज्यपाल के खिलाफ एफआईआर कराए जाने की बात सामने आई थी। उन्होंने कहा कि यह सब दिखाता है कि चुनाव आते ही TMC बौखला जाती है और प्रशासनिक तंत्र को भी प्रभावित करने की कोशिश करती है।

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आगे और गरमाएगी लड़ाई

फिलहाल ममता बनर्जी की ओर से इस बयान पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, पर राजनीतिक हलकों में साफ है कि आने वाले दिनों में यह विवाद और तेज होगा। SIR सिर्फ एक प्रक्रिया नहीं, बल्कि 2026 विधानसभा चुनाव की राजनीतिक जमीन तय करने वाला मुद्दा बन चुका है।

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