Patna News: पटना में मंगलवार को पीएम नरेंद्र मोदी की मां पर आपत्तिजनक टिप्पणी के विरोध में बुलाए गए ‘बिहार बंद’ का व्यापक असर देखने को मिला। यह बंद सुबह 7 बजे से दोपहर 12 बजे तक रखा गया था, लेकिन पांच घंटे के इस विरोध प्रदर्शन ने राज्य के कई हिस्सों में जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया।
बंद का आह्वान राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की मातृशक्ति ने किया था। भाजपा, जदयू, लोजपा (रा), हम और रालोमो की महिला नेत्रियां सड़कों पर उतरीं और कांग्रेस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। राजधानी पटना से लेकर कटिहार, आरा, औरंगाबाद, बांका, दरभंगा और सासाराम तक बंद का व्यापक असर देखने को मिला।
औरंगाबाद में भी बंद का असर दिखा। नवीनगर प्रखंड और टंडवा इलाके में दुकानें बंद रहीं। वहीं, कटिहार में बंद समर्थकों ने माहौल और गरमा दिया। शहीद चौक और मिरचाईबाड़ी चौक पर टायर जलाए गए और राहुल गांधी-तेजस्वी यादव के खिलाफ नारेबाजी की गई। कटिहार-पूर्णिया, कटिहार-मनिहारी और कटिहार-गेड़ाबाड़ी मार्गों पर गाड़ियों की लंबी कतारें लग गईं। यात्री घंटों तक रास्तों में फंसे रहे।
दरभंगा में भी भाजपा महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष सपना भारती के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता दिल्ली मोड़ बस स्टैंड पर सड़क पर उतरीं। उन्होंने कहा कि जब तक राहुल गांधी और तेजस्वी यादव पीएम से सार्वजनिक रूप से माफी नहीं मांगते, विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। जदयू नेत्री डॉ. इस्मत जहां ने भी कांग्रेस के नेताओं की टिप्पणी की निंदा की और कहा कि यह लोकतंत्र की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाला बयान है।
भागलपुर, सासाराम और सीवान में भी बंद का व्यापक असर दिखा। सासाराम में भाजपा के पूर्व विधायक जवाहर प्रसाद और ललन पासवान के नेतृत्व में पोस्ट ऑफिस चौराहा जाम कर दिया गया। यहां भी कार्यकर्ताओं ने राहुल गांधी और तेजस्वी यादव के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। सीवान में ऑटो और बस सेवा पूरी तरह ठप रही।
पूर्व उपमुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद ने कटिहार में विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व किया। उन्होंने कहा कि पीएम की मां पर अपशब्द कहना सिर्फ मोदी का नहीं बल्कि 140 करोड़ भारतीयों का अपमान है। इसे देश किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगा। उनके साथ नगर निगम की मेयर उषा देवी अग्रवाल समेत कई नेता और कार्यकर्ता भी सड़क पर उतरे।
बिहार बंद के दौरान कई जगहों पर आम जनता को भारी परेशानी उठानी पड़ी। बसें और निजी वाहन जाम में फंसे रहे। स्कूल और बाजार बंद रहे। यात्रियों को घंटों तक सड़कों पर इंतजार करना पड़ा। हालांकि प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर रखी थी ताकि किसी अप्रिय घटना से बचा जा सके।
कुल मिलाकर, मातृशक्ति के नेतृत्व में बुलाए गए इस बंद ने साफ कर दिया कि पीएम पर की गई आपत्तिजनक टिप्पणी ने बिहार की सियासत को गरमा दिया है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा और तूल पकड़ सकता है।



