Patna News: जम्मू-कश्मीर, हिमाचल और उत्तराखंड की ऊंची चोटियों पर हुई ताजा बर्फबारी ने बिहार के मैदानी इलाकों को ‘डीप फ्रीजर’ में तब्दील कर दिया है। सोमवार को राजधानी पटना समेत पूरा बिहार कड़ाके की ठंड की चपेट में रहा। आलम यह है कि पटना में पिछले तीन दिनों से लोगों ने सूरज के दर्शन नहीं किए हैं। मौसम विभाग (IMD) ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पटना, गया, नालंदा और समस्तीपुर समेत 18 जिलों में अगले 24 घंटों के लिए ‘शीत दिवस’ (Cold Day) का अलर्ट जारी किया है।
3 से 5 डिग्री तक लुढ़का पारा; गया बना बिहार का ‘शिमला’
पछुआ हवाओं के चलते पिछले 24 घंटों में राज्य के पश्चिमी और मध्य हिस्सों में न्यूनतम तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस की भारी गिरावट दर्ज की गई है। 8 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान के साथ गया जिला सोमवार को राज्य का सबसे ठंडा इलाका रहा। कोहरे और बादलों की वजह से अधिकतम और न्यूनतम तापमान के बीच का फासला इतना कम हो गया है कि दिन में भी रात जैसी ठिठुरन महसूस हो रही है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अगले तीन दिनों तक इस स्थिति से राहत मिलने के आसार नजर नहीं आ रहे हैं।
ठंड का बच्चों पर असर: गया, जमुई और सारण में स्कूल बंद
भीषण शीतलहर और कनकनी को देखते हुए जिला प्रशासन ने कड़े कदम उठाए हैं। गया और जमुई में कक्षा 5 तक के स्कूलों को बंद रखने का आदेश दिया गया है। वहीं, सारण जिले में जिला प्रशासन ने कक्षा 10वीं तक के सभी स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्रों को 23 दिसंबर तक बंद कर दिया है। हालांकि, आंगनबाड़ी केंद्रों को दोपहर 12 से 2 बजे के बीच सिर्फ इसलिए खोलने की अनुमति दी गई है ताकि बच्चों को गर्म पोषक भोजन उपलब्ध कराया जा सके।
कोहरे की चादर और पछुआ का पहरा; आवागमन भी प्रभावित
उत्तर-पश्चिमी बिहार के सीतामढ़ी और शिवहर जैसे जिलों में घने कोहरे के कारण दृश्यता (Visibility) शून्य के करीब पहुँच गई है। पछुआ हवाएं हड्डियों में चुभन पैदा कर रही हैं। मौसम विभाग के मुताबिक, आने वाले एक हफ्ते तक मौसम शुष्क बना रहेगा, लेकिन घने कोहरे का असर बना रहेगा। गया, नालंदा, अरवल और जहानाबाद में शीत दिवस की स्थिति और भी गंभीर हो सकती है। लोग अब अलाव का सहारा लेकर दिन गुजारने को मजबूर हैं।



