Patna News: मौसम विज्ञान केंद्र पटना के अनुसार, बिहार में इस बार दशहरा के अवसर पर प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में वर्षा की संभावना बनी हुई है। विशेष रूप से 2 अक्टूबर से 6 अक्टूबर के बीच प्रदेश के उत्तर तथा पूर्वी बिहार के कई जिलों में भारी-भरकम वर्षा के साथ कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी वर्षा होने की चेतावनी जारी की गई है।

इस अवधि में मेघ गर्जन और वज्रपात के साथ-साथ नदियों के जल ग्रहण क्षेत्र में जल स्तर बढ़ने का खतरा भी है। इस कारण नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

किस जिलों में सबसे ज्यादा सतर्कता की जरूरत

सुपौल, अररिया, मधेपुरा, सहरसा, पूर्णिया, कटिहार और किशनगंज जैसे सात जिलों में मौसम विभाग ने विशेष तौर पर मेघ गर्जन और वज्रपात की चेतावनी जारी की है। इन इलाकों में बारिश से संबंधित आपात स्थिति के लिए स्थानीय प्रशासन को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।

पिछले 24 घंटों में बारिश का ब्यौरा

राज्य के कई प्रमुख शहरों में बीते 24 घंटे के दौरान भी मानसून की बूंदाबांदी जारी रही। पटना में विभिन्न हिस्सों में 21.2 मिमी बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा गयाजी के गुरूआ में 19.3 मिमी, बेलछी में 17.6 मिमी, वैशाली के राघोपुर में 10 मिमी, समस्तीपुर मोहनपुर में 9 मिमी और औरंगाबाद ओबरा में 8.6 मिमी बारिश हुई। इसके अलावा जमुई, भोजपुर, रोहतास, नालंदा, बांका जैसे जिलों में भी हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई।

मौसम विभाग ने साफ किया है कि आने वाले कई दिन राज्य में बारिश जारी रहेगी, इसलिए सभी नागरिकों से सतर्कता बरतने का आग्रह किया गया है।

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