Patna News: बिहार चुनाव के रुझान आते ही राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। इसी बीच जेडीयू ने साफ कर दिया कि जनता का मूड किस तरफ झुक रहा है। जैसे-जैसे रुझानों में एनडीए की बढ़त मजबूत होती दिखी, जेडीयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा सामने आए और कहा कि बिहार का जनादेश साफ है—लोग फिर नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री देखना चाहते हैं।
नीतीश कुमार पर जनता का भरोसा कायम—जेडीयू
संजय झा का कहना है कि नतीजे ठीक वैसा ही संकेत दे रहे हैं जैसा चुनाव प्रचार के दौरान देखने को मिला था। उन्होंने कहा कि महागठबंधन चुनाव से पहले ही विभाग बाँट रहा था और शपथ लेने की बातें कर रहा था, लेकिन जनता ने जवाब दे दिया कि अंतिम फैसला वही करती है। उन्होंने कहा कि प्रचार के दौरान जब नीतीश कुमार लोगों के बीच पहुंचे, तो उनका स्वागत और जनता के चेहरे की खुशी साफ संकेत देती थी कि राज्य की जनता स्थिरता चाहती है और यह भरोसा सिर्फ नीतीश ही दे सकते हैं।
राजद पर निशाना—“झूठे आरोपों को जनता ने नकारा”
संजय झा ने राजद और तेजस्वी यादव पर भी कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि महागठबंधन ने वोट चोरी की कहानियाँ गढ़ीं, पर प्रचार के दौरान इस पर एक शब्द भी नहीं बोला। झा ने कहा कि तेजस्वी जिस तरह की भाषा और बयानबाजी कर रहे थे, वह जनता को पसंद नहीं आई। उन्होंने तंज किया कि लोकतंत्र में “ज़बरदस्ती जाकर बैठ जाना” नहीं चलता—जनता को विकल्प चाहिए, और वह विकल्प नीतीश कुमार ही हैं।
रुझानों में एनडीए की बढ़त मजबूत
सुबह 9:30 बजे तक रुझानों की तस्वीर साफ होने लगी थी। एनडीए 150 से अधिक सीटों पर आगे था। बीजेपी 65 और जेडीयू 63 सीटों पर बढ़त बनाए हुए थे। जेडीयू की वोट ट्रांसफर दर 68% से ऊपर बताई जा रही है, जो 2020 की तुलना में बेहतर है। उधर, महागठबंधन 75 सीटों पर सिमटता दिख रहा है। राजद 49 सीटों पर आगे है, लेकिन उसके सहयोगी दल लगातार पिछड़ रहे हैं। तेजस्वी यादव राघोपुर से आगे चल रहे हैं, जबकि तारापुर में भाजपा के सम्राट चौधरी और अलीनगर में मैथिली ठाकुर बढ़त बनाए हुए हैं।
जन सुराज और AIMIM का प्रदर्शन
प्रशांत किशोर की जन सुराज तीन सीटों पर आगे है, जबकि AIMIM एक सीट पर बढ़त बनाए हुए है। यह संकेत है कि कुछ क्षेत्रों में नए खिलाड़ियों ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है, लेकिन मुकाबला दो ध्रुवों में ही बंटा रहा।



