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Bihar News: मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण और ट्रेड यूनियनों की हड़ताल के समर्थन में महागठबंधन द्वारा बुलाए गए बिहार बंद का व्यापक असर पूरे राज्य में देखने को मिला। राजधानी पटना समेत अधिकांश जिलों में सुबह से ही जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। बंद समर्थकों ने रेलवे पटरियों से लेकर प्रमुख सड़कों तक प्रदर्शन किया, जिससे आवागमन बुरी तरह बाधित हुआ।
राजधानी पटना में कांग्रेस नेता राहुल गांधी और राजद नेता तेजस्वी यादव ने आयकर गोलंबर से वीरचंद पटेल पथ होते हुए चुनाव आयोग कार्यालय तक पैदल मार्च किया। महात्मा गांधी सेतु पर आवागमन बाधित रहा और हाजीपुर-पटना मार्ग पूरी तरह ठप हो गया।
दरभंगा में राजद नेताओं ने नमो भारत ट्रेन को रोककर विरोध दर्ज किया। राजद नेता प्रेमचंद्र उर्फ भोलू यादव ने इसे पिछड़े और कमजोर वर्गों को मताधिकार से वंचित करने की साजिश बताया।
हाजीपुर में राजद नेताओं ने सड़क पर लेटकर चक्का जाम किया, वहीं टायर जलाकर प्रदर्शन किया गया। राजद विधायक मुकेश रौशन के नेतृत्व में रामाशीष चौक समेत कई इलाकों में यातायात बाधित रहा।
इमारत-ए-शरिया और कई अन्य सामाजिक संगठनों ने भी बंद का समर्थन किया। छात्र राजद ने जहानाबाद रेलवे स्टेशन पर रेल ट्रैक पर बैठकर ट्रेन को रोका, जिससे इस मार्ग पर कई ट्रेनें प्रभावित हुईं। खगड़िया के राजेंद्र चौक पर भी बंद समर्थकों ने टायर जलाकर सड़क को अवरुद्ध कर दिया।
अररिया में जबरन ट्रेन रोकने पर 5 गिरफ्तार
बिहार बंद के तहत अररिया के फारबिसगंज रेलवे स्टेशन पर 75758 अप जोगबनी-कटिहार पैसेंजर ट्रेन को बंद समर्थकों ने रोक दिया। इससे स्टेशन पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। केंद्र सरकार और निर्वाचन आयोग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई।
आरपीएफ प्रभारी उमेश सिंह ने स्थिति को नियंत्रण में लेने के लिए कार्रवाई की और पांच बंद समर्थकों को गिरफ्तार कर लिया। इनमें राजद नगर अध्यक्ष बेलाल अली, युवा कांग्रेस के प्रदेश महासचिव करण कुमार पप्पू, एनएसयूआई जिलाध्यक्ष एवं पार्षद ईरशाद सिद्दीकी, कांग्रेस के मुमताज सलाम और एहतेशाम शामिल हैं। सभी को पूर्णिया रेल थाना भेजा गया है।
प्रशासन अलर्ट, शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील
राज्यभर में प्रशासन ने अतिरिक्त बल की तैनाती की है। एसडीओ और एसपी स्तर के अधिकारी स्वयं सड़कों पर उतरकर स्थिति का जायजा ले रहे हैं। हालांकि कुछ स्थानों पर हिंसक घटनाओं से इनकार नहीं किया जा सकता।
महागठबंधन के नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने मतदाता पुनरीक्षण प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं बरती, तो आंदोलन और तेज होगा।

