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Patna News: पटना में सरकार बदलते ही सबसे पहला असर नेताओं के ठिकानों पर दिखने लगा है। बुधवार को भवन निर्माण विभाग ने मंत्रियों और अन्य पदाधिकारियों को सरकारी आवास आवंटित करने का आदेश जारी कर दिया। कुल 26 मंत्रियों को नए बंगले मिले हैं। सूची जारी होते ही राजनीतिक गलियारों में सबसे ज्यादा चर्चा उस फैसले की हुई जिसमें राबड़ी देवी से 20 साल पुराना उनका सरकारी आवास वापस ले लिया गया।
10 सर्कुलर रोड का बंगला अब इतिहास
राबड़ी देवी, लालू प्रसाद यादव और तेजस्वी यादव जिस 10 सर्कुलर रोड वाले बंगले में वर्षों से रहते आए थे, उसका आवंटन रद्द कर दिया गया है। यह बंगला पहले पूर्व मुख्यमंत्री के नाते राबड़ी देवी को मिला था। बाद में सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट कर दिया कि किसी पूर्व मुख्यमंत्री को स्थायी तौर पर सरकारी बंगला नहीं दिया जा सकता। इसके बाद भी नीतीश कुमार ने इसे विधान परिषद की नेता प्रतिपक्ष के पद से जोड़कर राबड़ी देवी के नाम पर बनाए रखा था।
लेकिन नई सरकार ने इस फैसले को पलट दिया है। अब यह बंगला सरकार ने अपने पास वापस ले लिया है। राबड़ी देवी को हार्डिंग रोड स्थित 39 नंबर आवास दिया गया है। यह बंगला अब आधिकारिक रूप से नेता प्रतिपक्ष, विधान परिषद के लिए चिह्नित कर दिया गया है। यानी इस पद पर जो भी रहेगा, वह इसी बंगले में रहेगा।
मंत्रियों को मिले नए आवास
नई कैबिनेट के महत्वपूर्ण चेहरों को भी तुरंत बंगले आवंटित कर दिए गए हैं। गृह मंत्री एवं उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को 5 देशरत्न मार्ग स्थित आवास मिला है। वहीं दूसरे उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा को 3 स्टैंड रोड का सरकारी बंगला आवंटित किया गया है। बाकी मंत्रियों के लिए भी आवास की सूची जारी कर दी गई है और आवंटन प्रक्रिया अगले 48 घंटों में पूरी हो जाएगी।
तेजस्वी का ऑफिस और परिवार की शिफ्टिंग
तेजस्वी यादव भले ही 1 पोलो रोड वाले बंगले के आधिकारिक आवंटी हैं, लेकिन यह जगह उनका कार्यालय और टीम का ठिकाना है। वे ज्यादातर 10 सर्कुलर रोड पर ही रहते थे। परिवार को अब नए आवास में जाना पड़ेगा। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि यह सिर्फ आवास बदलने का मामला नहीं, बल्कि सत्ता समीकरण का संकेत है।
बीजेपी की सख्ती या प्रशासनिक औपचारिकता?
सियासी महफ़िल में चर्चा है कि यह कदम बीजेपी की ओर से सख्त निर्णय माना जा रहा है। हालांकि प्रशासन का कहना है कि यह सिर्फ सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन और सामान्य आवंटन प्रक्रिया का हिस्सा है। अब निगाहें इस बात पर हैं कि लालू परिवार कब तक 10 सर्कुलर रोड खाली करता है।
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