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Jamshedpur News: जमशेदपुर के सीतारामडेरा थाना क्षेत्र के भुईयांडीह इलाके में बुधवार को प्रशासन और टाटा स्टील की संयुक्त टीम ने अतिक्रमण हटाने की बड़ी कार्रवाई चलाकर करीब 60 घरों और कई पक्की दुकानों को तोड़ दिया। इनमें पूर्व मंत्री दुलाल भुइयां और उनके परिजनों के घर भी शामिल थे। कार्रवाई के तुरंत बाद पूरे इलाके में तनाव फैल गया।
गुरुवार सुबह हजारों लोग सड़क पर उतरे
अगले ही दिन भोर होते ही स्थिति और बिगड़ गई। गुरुवार को सुबह हजारों स्थानीय लोग भुईयांडीह मुख्य सड़क पर जमा हो गए और जोरदार विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। भीड़ ने प्रशासन और टाटा स्टील के खिलाफ नारे लगाए और कार्रवाई को अमानवीय बताया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि दलित, आदिवासी और मूलवासी समुदायों को बिना नोटिस और बिना वैकल्पिक व्यवस्था के उजाड़ना पूरी तरह गलत है।
दुलाल भुइयां और शिवशंकर सिंह ने प्रशासन पर लगाया आरोप
पूर्व मंत्री दुलाल भुइयां, उनके भाई बलदेव भुइयां और सामाजिक कार्यकर्ता शिवशंकर सिंह लगातार विरोध का नेतृत्व कर रहे हैं। दोनों नेताओं ने संयुक्त प्रेस वार्ता कर कार्रवाई को पूरी तरह अवैध बताया और कहा कि प्रभावित परिवारों के लिए हाईकोर्ट में याचिका दायर की जाएगी।
दुलाल भुइयां ने चेतावनी दी कि यह लड़ाई सड़क से लेकर सदन तक चलेगी और गरीबों पर जुल्म किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
गांव में तनाव, लोग खुले में रहने को मजबूर
इधर पुलिस प्रशासन ने भारी फोर्स तैनात कर स्थिति को नियंत्रण में रखने की कोशिश की है। लेकिन कई परिवार अब भी खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं। राहत या पुनर्वास की कोई औपचारिक व्यवस्था नहीं की गई है, जिससे लोगों में नाराजगी और बढ़ रही है।
भुईयांडीह की यह घटना शहर में विस्थापन, पुनर्वास और अधिकारों को लेकर एक बार फिर बड़ी बहस खड़ी कर रही है।

