Bihar News: भागलपुर जिले में भूमि विवादों के बोझ को कम करने और राजस्व व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए गुरुवार को समीक्षा भवन में एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। बिहार सरकार के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के प्रधान सचिव सी.के. अनिल खुद भागलपुर पहुँचे और जिले की तमाम भूमि सुधार योजनाओं की बारीकी से समीक्षा की। बैठक की शुरुआत में जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने प्रधान सचिव का स्वागत भागलपुर की गौरवशाली मंजूषा पेंटिंग और पौधा भेंट कर किया, जिसके बाद योजनाओं के क्रियान्वयन पर चर्चा शुरू हुई।
पारदर्शिता और त्वरित समाधान का मंत्र; लंबित मामलों पर जताई सख्ती
समीक्षा बैठक के दौरान प्रधान सचिव ने स्पष्ट लहजे में कहा कि राजस्व से जुड़े मामलों में आम जनता को परेशान करना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि दाखिल-खारिज (म्यूटेशन) और भूमि मापी जैसे आम जनता से सीधे जुड़े मामलों का निपटारा पूरी पारदर्शिता के साथ समय सीमा के भीतर हो। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि राजस्व व्यवस्था को सुदृढ़ बनाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है ताकि गरीब और जरूरतमंद लोगों को दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें।
भूमि विवादों का होगा शीघ्र निपटारा; योजनाओं की प्रगति पर संतोष
प्रधान सचिव ने जिले में चल रही योजनाओं की वर्तमान स्थिति पर संतोष व्यक्त किया, लेकिन साथ ही लंबित मामलों को लेकर अधिकारियों की जवाबदेही भी तय की। उन्होंने कहा कि जमीनी विवाद ही ग्रामीण क्षेत्रों में अशांति का मुख्य कारण होते हैं, इसलिए इनका त्वरित समाधान सुनिश्चित करना ही विभाग का लक्ष्य है। बैठक में विभाग के कई वरीय अधिकारी उपस्थित रहे, जिन्हें डिजिटल रिकॉर्ड और आधुनिक राजस्व व्यवस्था को अपनाने के कड़े निर्देश दिए गए।



