India News: पश्चिम बंगाल इन दिनों एक नए राजनीतिक विवाद में घिर गया है। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर (SIR) की जांच चल रही है, और इसी बीच भाजपा आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने दावा किया है कि बड़ी संख्या में अवैध रूप से रह रहे लोग चुपचाप बांग्लादेश लौट रहे हैं। उनका कहना है कि यह पलायन साबित करता है कि राज्य में वर्षों से चल रही वोट बैंक की राजनीति अब दबाव में आ गई है।
मालवीय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक वीडियो शेयर किया है, जो कथित तौर पर उत्तर 24 परगना जिले के स्वरूपनगर का बताया जा रहा है। वीडियो में कुछ लोग नदी के रास्ते सीमा पार जाते नजर आ रहे हैं। भाजपा का दावा है कि यह सब एसआईआर (SIR) की सख्त जांच के बाद शुरू हुआ है, जिसके चलते अवैध मतदाताओं का नेटवर्क धीरे-धीरे बेनकाब हो रहा है।
ममता बनर्जी का पुराना वीडियो फिर चर्चा में
भाजपा ने इसी बहस को आगे बढ़ाते हुए ममता बनर्जी का एक पुराना वीडियो भी साझा किया है। इसमें वह संसद के अंदर अवैध घुसपैठ पर चिंता जताती दिख रही हैं और नागरिकता साबित करने के लिए एक पहचान पत्र की वकालत कर रही हैं। भाजपा का कहना है कि तब की ममता और आज की ममता में बहुत फर्क आ गया है, और सत्ता की राजनीति ने उनकी पुरानी बातों को उलट दिया है।
पार्टी का आरोप है कि आज मुख्यमंत्री हर नागरिकता संबंधी पहल को ‘जनविरोधी’ करार देती हैं, जबकि वही मुद्दा वे कभी संसद में उठाती थीं।
भाजपा बनाम टीएमसी की नई टक्कर
दिल्ली से लेकर कोलकाता तक राजनैतिक चर्चा इसी मुद्दे के इर्द-गिर्द घूम रही है। भाजपा का कहना है कि एसआईआर (SIR) ने बंगाल की वोट राजनीति का “सच” उजागर कर दिया है, जबकि टीएमसी इस दावे पर अभी तक किसी बड़े तरह का आधिकारिक जवाब नहीं दे सकी है। हालांकि टीएमसी का तर्क रहा है कि भाजपा इस तरह के मुद्दों को चुनावी माहौल बनाने के लिए उछालती रहती है। इस पूरे विवाद से साफ है कि आने वाले दिनों में बंगाल की राजनीति और गर्म होने वाली है।



