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नई दिल्ली | एजेंसी
भारत और ऑस्ट्रिया के बीच बढ़ते दोस्ताना रिश्तों में आज एक नया अध्याय जुड़ गया। ऑस्ट्रिया के फेडरल चांसलर डॉ. क्रिश्चियन स्टॉकर बुधवार को अपने पहले आधिकारिक दौरे पर भारत पहुंचे। साल 2025 में कार्यभार संभालने के बाद चांसलर स्टॉकर का यह पहला एशिया दौरा है, जिसके लिए उन्होंने भारत को चुनकर पूरी दुनिया को एक बड़ा रणनीतिक संदेश दिया है। एयरपोर्ट पर युवा मामले और खेल मंत्री रक्षा खडसे ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया।
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चांसलर स्टॉकर का यह दौरा केवल कूटनीतिक शिष्टाचार तक सीमित नहीं है। उनके साथ एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी भारत आया है, जिसमें दिग्गज मंत्री, आला अधिकारी और बड़े बिजनेस लीडर्स शामिल हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ होने वाली उनकी द्विपक्षीय वार्ता में व्यापार, निवेश, ग्रीन टेक्नोलॉजी और रिन्यूएबल एनर्जी जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर विशेष फोकस रहेगा।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने इस दौरे को ‘बेहतर भारत-ऑस्ट्रिया पार्टनरशिप’ के लिए एक मील का पत्थर बताया है। माना जा रहा है कि यह दौरा 2024 में पीएम मोदी की ऑस्ट्रिया यात्रा से बनी गति को और तेज करेगा। दोनों पक्ष एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग और डिजिटल इनोवेशन जैसे क्षेत्रों में हाथ मिलाने की संभावना तलाशेंगे, जिससे दोनों देशों की अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी।
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गौरतलब है कि भारत और ऑस्ट्रिया के बीच साझा लोकतांत्रिक मूल्यों के आधार पर लंबे समय से मैत्रीपूर्ण संबंध रहे हैं। इससे पहले दिसंबर 2025 में वियना में हुई फॉरेन ऑफिस कंसल्टेशन की बैठक में भी आपसी हितों और भारत-ईयू संबंधों को मजबूत करने पर गंभीर चर्चा हुई थी। अब चांसलर के इस दौरे से रक्षा, तकनीक और आर्थिक मोर्चे पर सहयोग के नए रास्ते खुलने की पूरी उम्मीद है।

