Auraiya (UP): उत्तर प्रदेश के औरैया जनपद में सिंचाई विभाग की नाक के नीचे सिल्ट (बालू-मिट्टी) उठान में बड़े स्तर पर भ्रष्टाचार और दस्तावेजों की हेराफेरी का मामला उजागर हुआ है। भोगनीपुर प्रखंड निचली रामगंगा नहर के अयाना रजवाहा से निकाली गई सिल्ट की ढुलाई के लिए ठेकेदार ने कागजों में जो गाड़ियां दिखाईं, उनमें से कई ट्रैक्टर नहीं बल्कि दुपहिया वाहन (बाइक) निकले। इस खुलासे के बाद विभाग में हड़कंप मच गया है, लेकिन कार्रवाई के नाम पर अधिकारी केवल गेंद एक-दूसरे के पाले में डाल रहे हैं।
कागजों में ट्रैक्टर, असल में बाइक
नहर की सिल्ट उठान के लिए विनोद कांट्रैक्टर के साथ 15 नवंबर 2025 को अनुबंध किया गया था। सिल्ट उठाने के लिए ठेकेदार ने विभाग को 3 बुलडोजर और 26 ट्रैक्टरों की सूची सौंपी थी। आरोप है कि इस सूची में कम से कम 5 पंजीकरण नंबर ऐसे हैं जो परिवहन विभाग के रिकॉर्ड में मोटर साइकिलों के नाम पर दर्ज हैं। विभागीय अधिकारियों ने बिना दस्तावेजों की गहन जांच किए इस फर्जी सूची को हरी झंडी दे दी।
नंबर प्लेट गायब, कृषि ट्रैक्टरों का व्यावसायिक इस्तेमाल
मौके पर चल रहे ढुलाई कार्य में नियमों की जमकर धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि सिल्ट ढो रहे अधिकांश ट्रैक्टर-ट्रॉलियों पर नंबर प्लेट ही नहीं है। इतना ही नहीं, जो ट्रैक्टर कृषि कार्य (Agriculture use) के लिए पंजीकृत हैं, उनका खुलेआम व्यावसायिक उपयोग कर सिल्ट बेची जा रही है। इससे सरकार को राजस्व का बड़ा चूना लग रहा है।
अधिकारियों की टालमटोल: जिम्मेदारी किसकी?
मामला खुलने के बाद सिंचाई विभाग और परिवहन विभाग अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ते नजर आ रहे हैं:
-
परिवहन विभाग: एआरटीओ नानक चंद्र शर्मा का कहना है कि सिंचाई विभाग ने उन्हें जांच के लिए कोई फाइल नहीं भेजी थी। वाहनों की जांच सिंचाई विभाग को खुद करनी चाहिए थी।
-
सिंचाई विभाग: जेई अनिरुद्ध कुमार का तर्क है कि उन्होंने पुलिस और संबंधित विभागों को सूचना दे दी थी। अब मानकों के उल्लंघन पर कार्रवाई करना परिवहन और खनिज विभाग का काम है।
जनता में आक्रोश
इस ‘कागजी ट्रैक्टर’ घोटाले और अधिकारियों की लापरवाही को लेकर स्थानीय लोगों में भारी गुस्सा है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि इस पूरे सिंडिकेट की निष्पक्ष जांच की जाए और फर्जी दस्तावेजों पर परमिशन लेने वाले ठेकेदार के साथ-साथ लापरवाह अधिकारियों पर भी सख्त कार्रवाई हो।



