दिसपुर | एजेंसी
असम की नई सरकार चुनने के लिए आज प्रदेश भर में लोकतंत्र का महापर्व मनाया जा रहा है। गुरुवार सुबह से ही राज्य के विभिन्न हिस्सों में मतदान केंद्रों पर मतदाताओं का भारी उत्साह देखने को मिल रहा है। कड़ाके की ठंड और कुछ क्षेत्रों में खराब मौसम के बावजूद, लोग अपने मताधिकार का प्रयोग करने के लिए सुबह 5 बजे से ही कतारों में लग गए। इस बार के चुनाव में महिलाओं और ‘फर्स्ट टाइम वोटर्स’ यानी पहली बार वोट डालने वाले युवाओं की सक्रियता सबसे अधिक चर्चा का विषय बनी हुई है।
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जालुकबारी और डिब्रूगढ़ जैसे प्रमुख केंद्रों पर पहली बार वोट डालने पहुंचे युवाओं के चेहरों पर एक अलग ही चमक दिखी। एक युवा मतदाता ने जोश के साथ कहा, “यह मेरा पहला विधानसभा चुनाव है और वोट डालकर बहुत अच्छा लग रहा है। हमें ऐसी सरकार चाहिए जो विकास को प्राथमिकता दे।” वहीं कामरूप और होजाई के मतदान केंद्रों पर महिलाओं की लंबी कतारें यह साबित कर रही हैं कि प्रदेश की आधी आबादी अपनी सशक्त भागीदारी के लिए तैयार है। मतदाताओं का स्पष्ट मानना है कि वे उसी उम्मीदवार को चुनेंगे जो क्षेत्र की समस्याओं को समझेगा और ईमानदारी से काम करेगा।
राजनीतिक दिग्गजों ने भी सुबह-सुबह ही अपने बूथों पर पहुंचकर मतदान किया। धीमाजी में अपना वोट डालने के बाद भाजपा उम्मीदवार रानोझ पेगू ने सभी से अपील करते हुए कहा, “आज का दिन बेहद पवित्र है। खराब मौसम के बावजूद लोगों का घर से बाहर निकलना लोकतंत्र की मजबूती का संकेत है।” नगांव में सांसद प्रद्युत बोर्डोलोई ने भी मरिकलॉन्ग हाई स्कूल स्थित मतदान केंद्र पर पहुंचकर अपना वोट डाला और मतदान प्रक्रिया पर संतोष जताया।
विश्वनाथ, सिलचर और डिब्रूगढ़ के मतदान केंद्रों पर प्रशासन की ओर से पुख्ता तैयारियां की गई हैं। राधामाधव बालिका विद्यालय जैसे केंद्रों पर बीएलओ (BLO) और सुरक्षा बल यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि मतदान प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और शांतिपूर्ण रहे। असम के अलग-अलग कोनों से आ रही ये तस्वीरें लोकतंत्र की गहरी जड़ों को दर्शाती हैं, जहाँ हर वर्ग का व्यक्ति बेहतर भविष्य की उम्मीद के साथ अपना बटन दबा रहा है।
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