Jharkhand News: झारखंड के कुख्यात अपराधी आशीष रंजन उर्फ छोटू सिंह का अंत बुधवार रात उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में एक मुठभेड़ में हो गया। उत्तर प्रदेश STF और शंकरगढ़ थाना पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में छोटू सिंह को मार गिराया गया। उसके पास से एके-47 राइफल, 9 एमएम पिस्टल समेत अन्य हथियार बरामद हुए हैं। मुठभेड़ में उसका एक साथी भी घायल हुआ है।
धनबाद जिले के मूल निवासी छोटू सिंह पर हत्या, रंगदारी, बमबाजी और जानलेवा हमले जैसे कुल 20 आपराधिक मामले दर्ज थे। धनबाद एसएसपी प्रभात कुमार ने उसकी मौत की पुष्टि की और बताया कि वह लंबे समय से पुलिस को चकमा दे रहा था।
पुलिस को खुफिया सूचना मिली थी कि छोटू प्रयागराज की ओर जा रहा है। STF और स्थानीय पुलिस ने फौरन कार्रवाई करते हुए शिवराजपुर चौराहे के पास उसे घेर लिया। पकड़ने की कोशिश पर छोटू ने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी फायरिंग में वह गंभीर रूप से घायल हो गया और अस्पताल में उसकी मौत हो गई।
छोटू सिंह की आपराधिक गतिविधियाँ बेहद संगीन थीं।
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12 मई 2021 को वासेपुर में जमीन कारोबारी सरफुल हसन की हत्या में वह मुख्य आरोपी था।
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झरिया के टायर कारोबारी रंजीत सिंह की हत्या में भी उसका नाम सामने आया था।
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3 दिसंबर 2023 को धनबाद जेल में गैंगस्टर अमन सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। जेल में बंद एक आरोपी सुंदर यादव ने गोली चलाई थी, लेकिन इसका मास्टरमाइंड छोटू सिंह था। उसने खुद इस हत्या की जिम्मेदारी सोशल मीडिया पर ली थी।
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सरायढेला के जमीन कारोबारी समीर मंडल की हत्या भी छोटू के क्राइम रिकॉर्ड में शामिल है। इसी केस में वह पहली बार जेल गया था।
छोटू की मौत को पुलिस ने बड़ी सफलता बताया है। धनबाद समेत झारखंड और यूपी पुलिस को लंबे समय से उसकी तलाश थी। इस एनकाउंटर के बाद कानून व्यवस्था को लेकर प्रशासन ने राहत की सांस ली है।



