Araria (Bihar): अररिया के स्वास्थ्य जगत के लिए शनिवार की सुबह एक ऐसी खबर लेकर आई जिसने हर किसी की आंखें नम कर दीं। सदर अस्पताल के अनुभवी और बेहद लोकप्रिय जनरल सर्जन डॉ. जितेंद्र प्रसाद और उनकी पत्नी अब हमारे बीच नहीं रहे। वैशाली जिले के सराय थाना क्षेत्र के पास हुए एक भीषण सड़क हादसे में दोनों का दुखद निधन हो गया।
इस खबर को भी पढ़ें : सारण SSP का हंटर: फरियादी महिला को टरकाना पड़ा महंगा, थानाध्यक्ष निलंबित
हादसा इतना भीषण कि संभलने का मौका न मिला
जानकारी के अनुसार, डॉ. जितेंद्र प्रसाद अपनी पत्नी के साथ कार से यात्रा कर रहे थे। वैशाली के सराय के पास उनकी कार दुर्घटनाग्रस्त हो गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि डॉ. साहब और उनकी पत्नी ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। इस खबर के अररिया पहुंचते ही अस्पताल परिसर से लेकर उनके चाहने वालों के बीच कोहराम मच गया।
मरीजों के मसीहा और ‘कर्मठ’ योद्धा थे डॉ. जितेंद्र
डॉ. जितेंद्र प्रसाद केवल एक चिकित्सक नहीं, बल्कि अररिया सदर अस्पताल की रीढ़ माने जाते थे। अपने सरल स्वभाव और मरीजों के प्रति सेवा भाव के लिए वे पूरे जिले में मशहूर थे। उनकी काबिलियत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि हाल ही में स्वास्थ्य सेवाओं में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने उन्हें सम्मानित भी किया था।
अस्पताल और जिले में पसरा सन्नाटा
डॉ. जितेंद्र के निधन को जिले के डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों ने ‘अपूरणीय क्षति’ बताया है। अस्पताल के कर्मचारियों का कहना है कि उन्होंने न केवल एक बेहतरीन सर्जन खोया है, बल्कि एक अभिभावक जैसा साथी भी खो दिया है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और गणमान्य नागरिकों ने भी इस हृदयविदारक घटना पर गहरी संवेदना व्यक्त की है। उनके परिवार में इस वक्त दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है और पूरा अररिया इस महान व्यक्तित्व को याद कर गमगीन है।



