Bihar News: पिछले दो दिनों से बारिश रुकने के बावजूद अररिया में बाढ़ का असर अब भी खत्म नहीं हुआ है। बुधवार को जिले की प्रमुख नदियों — परमान, बकरा, रतुआ, सुरसर और नूना — के जलस्तर में कमी तो आई है, लेकिन कई प्रखंडों में हालात अब भी सामान्य नहीं हुए हैं।

नरपतगंज, फारबिसगंज, कुर्साकांटा, सिकटी और जोकीहाट जैसे इलाकों में बाढ़ का पानी अब भी सड़कों और खेतों में फैला हुआ है। सबसे ज्यादा परेशानी तब बढ़ गई जब कुर्साकांटा प्रखंड के भोड़हा–हलधरा मार्ग पर लक्ष्मीपुर रेलवे स्टेशन के पास सड़क का हिस्सा बह गया। इससे लोगों का आवागमन पूरी तरह ठप हो गया है।

स्थानीय लोग बताते हैं कि बाढ़ का पानी सड़क पर कई दिनों तक जमा रहा, जिससे उसकी मिट्टी धंस गई और सड़क टूट गई। इस कारण ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर जाने में काफी दिक्कत हो रही है। जिला प्रशासन ने संबंधित प्रखंड के अंचलाधिकारी को निर्देश दिया है कि वे बाढ़ से हुए नुकसान का तत्काल सर्वे करें। राजस्व कर्मचारी गांव-गांव जाकर क्षति का आकलन करने में जुटे हैं। हालांकि बाढ़ पीड़ितों का कहना है कि अब तक सरकार की ओर से कोई मदद नहीं मिली है, जिससे उनमें नाराज़गी बढ़ती जा रही है।

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