एनीमिया सामान्य पर गंभीर रोग

एनीमिया बहुत से कारणों से हो सकता है, किंतु हमारे देश में इसका सबसे बड़ा कारण पौष्टिक आहार की कमी है। इसके अलावा इस रोग का एक और बड़ा कारण है पेट में कीड़ों का हो जाना। ये कीड़े प्रायः दूषित जल और खाद्य पदार्थों द्वारा हमारे शरीर में प्रवेश करते हैं। हीमोग्लोबिन, लाल रक्त कोशिकाओं में एक प्रोटीन है, जो शरीर के अंगों और ऊतकों तक ऑक्सीजन पहुंचाता है। जब आपके पास कम हीमोग्लोबिन का स्तर या एनीमिया होता है, तो आप थका हुआ या कमजोर महसूस कर सकते हैं। हीमोग्लोबिन के स्तर को बढ़ाने और एनीमिया को मात देने के लिए यहां कुछ खाद्य पदार्थ दिए गए हैं।

चौलाई का साग: आयरन से भरपूर, ऐमारैंथ का साग जमावट को बढ़ावा देता है और हीमोग्लोबिन की मात्रा और लाल रक्त कोशिकाओं की संख्या को बढ़ाता है।
खजूर: खजूर में आयरन की मात्रा एरिथ्रोसाइट्स की संख्या को बढ़ा सकती है जिससे हीमोग्लोबिन का स्तर बढ़ जाता है। खजूर उन फलों में से एक है जिसमें आयरन (Fe) होता है जो आयरन (Fe), विटामिन C, विटामिन B कॉम्प्लेक्स और फोलिक एसिड की जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त होता है जो लाल रक्त कोशिकाओं के निर्माण में मदद कर सकता है। खजूर का सेवन लाल रक्त कोशिकाओं के निर्माण में सुधार और एनीमिया को रोकने में मदद कर सकता है।
किशमिश:
किशमिश आयरन और कॉपर का एक समृद्ध स्रोत है जो लाल रक्त कोशिकाओं के निर्माण और हीमोग्लोबिन के स्तर को बढ़ाने के लिए आवश्यक है।
बाजरा:
बाजरा के नियमित सेवन से हीमोग्लोबिन और सीरम फेरिटिन के स्तर में सुधार हो सकता है, जिससे आयरन की कमी से होने वाले एनीमिया को कम किया जा सकता है, जो विश्व स्तर पर बढ़ रहा है।
तिल के बीज: तिल के बीज में विभिन्न महत्वपूर्ण पोषक तत्व होते हैं, जैसे लोहा, फोलेट, फ्लेवोनोइड, तांबा और अन्य पोषक तत्व जो हीमोग्लोबिन के स्तर को बढ़ाने में भूमिका निभाते हैं।
तुलसी: शरीर में खून की कमी होने पर तुलसी की पत्तियों का सेवन भी बहुत फायदेमंद माना जाता है। आप रोजाना तुलसी के पत्तों का सेवन सुबह खाली पेट करें। इसके अलावा आप तुलसी के रस को रोज सुबह और शाम पानी में डालकर पियें। ऐसा नियमित रूप से करने पर आपको एनीमिया की समस्या में फायदा मिलेगा।
पालक: शरीर में खून की कमी या एनीमिया की समस्या में पालक का इस्तेमाल बहुत फायदेमंद माना जाता है। यूं तो लोग पालक का इस्तेमाल साग या सब्जी के रूप में करते हैं लेकिन आयुर्वेद में इसे औषधि माना जाता है। पालक में आयरन प्रचुर मात्रा में पाया जाता है इसलिए इसका सेवन खून की कमी को दूर करने में फायदेमंद है। एनीमिया की समस्या में आप पालक का नियमित रूप से सेवन करें, आयुर्वेद के मुताबिक ऐसा करने से एनीमिया में फायदा मिलता है।
मेथी: मेथी के पत्तों को साग के रूप में इस्तेमाल किया जाता है जिसमें आयरन जैसे तमाम पोषक तत्व प्रचुर मात्रा में मौजूद होते हैं। आप मेथी का साग का नियमित रूप से सेवन कर शरीर में खून की कमी को दूर कर सकते हैं। इसके अलावा एनीमिया में आप मेथी के बीज को पानी में भिगोकर उसके पानी का बीज का सेवन रोजाना सुबह के समय करें। ऐसा नियमित रूप से करने पर आपको एनीमिया की समस्या में फायदा मिलेगा।
ऐलोवेरा जूस: शरीर में खून की कमी होने पर आप नियमित रूप से एलोवेरा का इस्तेमाल कर सकते हैं। एनीमिया को दूर करने के लिए आप रोजाना 20 ML एलोवेरा के जूस का इस्तेमाल करें। नियमित रूप से कुछ दिनों के लिए इसका सेवन करने पर एनीमिया की समस्या में बहुत फायदा मिलता है।
घी: घी का सेवन शरीर में पित्त दोष को संतुलित करने के लिए फायदेमंद माना जाता है। आयुर्वेद के मुताबिक एनीमिया की समस्या में पित्त उत्तेजित हो जाता है और इस स्थिति में घी का सेवन करने से फायदा मिलता है। आयुर्वेद में एनीमिया की समस्या से निजात पाने के लिए रोजाना सुबह खाली पेट 10 ML घी का सेवन करना चाहिए। ऐसा नियमित रूप से करने पर आपको एनीमिया की समस्या में फायदा मिलेगा।
अन्य स्रोतों में जामुन, सूखी खुबानी, रागी, दाल, मोरिंगा के पत्ते, इमली का गूदा, मूंगफली शामिल हैं

इससे बचाव में प्रोफीलैक्टिक आयरन फोलिक एसिड का सप्लीमेंट देना, समय पर पेट के कीड़े मारने की दवा देना, गैर पोषण आहार की जानकारी लेना, विभिन्न बीमारियों जैसे- मलेरिया, हीमोग्लोबिनपैथिस व फ्लोरोसिस पर नजर रखना आदि है। एनीमिया के लड़ने के लिए छह संस्थानों में राष्ट्रीय एनीमिया मुक्त भारत ईकाई और नेशनल सेंटर फॉर एक्सीलेंस और एडवांस रिसर्च ऑन एनीमिया कंट्रोल आदि हैं।
एनीमिया की समस्या कई कारणों से हो सकती है और इस समस्या में उचित खानपान और इलाज से फायदा मिलता है।