India News: राजस्थान की धरा पर आज खाकी का कुनबा और बड़ा हो गया। राजधानी जयपुर में शनिवार को गजब का उत्साह देखने को मिला, जब केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राजस्थान पुलिस के 8,000 से ज्यादा जांबाज युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंपे। कार्यक्रम में शाह के तेवर तीखे थे और उन्होंने साफ कर दिया कि राजस्थान में अब ‘सिफारिशी राज’ का अंत हो चुका है।
“न खर्ची चलेगी, न सिफारिश… केवल काबिलियत!”
मंच से हुंकार भरते हुए अमित शाह ने कहा कि आज जिन नौजवानों को वर्दी मिली है, उन्होंने इसे अपने दम-खम पर हासिल किया है। पिछली सरकार का नाम लिए बिना उन्होंने करारा तंज कसा और कहा कि राजस्थान के युवाओं ने पेपर लीक का वो काला दौर देखा है जहाँ सपने नीलाम होते थे। लेकिन भजनलाल सरकार ने उस सिलसिले पर लगाम कस दी है। शाह ने दो टूक शब्दों में कहा, “आज राजस्थान में नौकरी पाने के लिए किसी ‘साहब’ की सिफारिश की जरूरत नहीं है, बस आपकी योग्यता ही आपकी ताकत है।”
अपराध के आंकड़ों पर बोले शाह- ‘बदमाशों की शामत आई’
गृह मंत्री ने भजनलाल शर्मा सरकार के कामकाज का लेखा-जोखा पेश करते हुए बताया कि पिछले दो सालों में राजस्थान में अपराध का ग्राफ तेजी से गिरा है। उन्होंने दावों के साथ कहा कि हत्या, लूट और डकैती जैसी वारदातों में 50 प्रतिशत तक की कमी आई है। उन्होंने राजस्थान पुलिस की तारीफ करते हुए कहा कि चंबल के बीहड़ हों या थार का मरुस्थल, हमारी पुलिस हर मोर्चे पर मुस्तैद है। ‘एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स’ के गठन ने अपराधियों की कमर तोड़ दी है।
तारीख पर तारीख का खेल होगा खत्म!
शाह ने नए कानूनों का जिक्र करते हुए कहा कि अब न्याय मिलने में दशकों का वक्त नहीं लगेगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि नई तकनीक और कानूनी सुधारों के बाद, एफआईआर से लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले तक का सफर महज तीन साल में पूरा होगा। उन्होंने कहा, “अब कोर्ट में तारीख पर तारीख का दौर बीते जमाने की बात हो जाएगी।” जयपुर के इस कार्यक्रम के बाद राजस्थान के पुलिस महकमे में एक नई ऊर्जा का संचार देखने को मिल रहा है।
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