India News: भारतीय सेना ने अमरनाथ यात्रा-2025 को एक मजबूत सुरक्षा घेरा प्रदान करने के लिए ऑपरेशन शिवा लांच किया है। जिसका उद्देश्य स्थानीय प्रशासन और केंद्रीय सुरक्षा बलों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर बाबा बर्फानी की इस पवित्र यात्रा के लिए आने वाले यात्रियों को एक अच्छी और सुरक्षित यात्रा का अनुभव कराना है। सेना ने शुक्रवार को एक बयान जारी कर यह जानकारी दी।
ड्रोन से लेकर डॉक्टर तक… जानिए ऑपरेशन शिवा कैसे बनाएगा अमरनाथ यात्रा को अभेद्य
गौरतलब है कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद जम्मू-कश्मीर में पश्चिमी सीमा पर भारत और पाकिस्तान के बीच बने हुए तनावपूर्ण हालात के बीच सेना के ऑपरेशन शिवा लांच किया है। पहलगाम आतंकी हमले (26 लोगों की आतंकियों ने हत्या कर दी थी) के जबाव में भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के जरिए पाकिस्तान में मौजूद कुल 9 आतंकी ठिकानों को मटियामेट किया था। भारत का यह अभियान अभी भी जारी है। भविष्य में सीमा पार से कोई और आतंकी हमला बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उसे देश के खिलाफ युद्ध की तरह से देखा जाएगा और उसी अंदाज में उससे निपटा जाएगा।
सेना ने बताया कि यात्रा के लिए ऑपरेशन शिवा के तहत उसने यात्रियों के समूचे सुरक्षा सिस्टम को मजबूत बनाते हुए 8 हजार 500 से अधिक जवानों की तैनाती की है। जिन्हें विभिन्न प्रकार के रणनीतिक और तकनीकी संसाधनों से लैस किया गया है। आतंकवाद से मुकाबले के लिए एक मजबूत ग्रिड, कॉरिडोर सुरक्षा और सशक्त सुरक्षा तैनाती इसका अहम हिस्सा है। ड्रोन हमले के खतरे से निपटने के लिए 50 सी-यूएएस और ईडब्ल्यू सिस्टम लगाए गए हैं। यात्रा मार्ग और पवित्र गुफा पर यूएवी मिशन और लाइव निगरानी के जरिए बल की पैनी नजर बनी हुई है। इंजीनियर टास्क फोर्स पुलों के निर्माण, मार्ग को चौड़ा करने और आपदा में राहत प्रदान करने के लिए शामिल किया गया है।
150 से ज्यादा डॉक्टर और चिकित्सा कर्मी एक 100 बेड का अस्पताल, 26 ऑक्सीजन बूथ (2 लाख लीटर ऑक्सीजन) के साथ तैनात हैं। बेहतर संचार के लिए सेना ने सिग्नल्स की कंपनियां लगाई हैं। बम निरोधक दस्ते को भी ऑपरेशन शिवा में शामिल किया गया है। 25 हजार लोगों के लिए आपात राशन की व्यवस्था भी सेना ने की है। क्यूआरटी, टेंट, वाटर पॉइंट, बुलडोजर को अलर्ट पर रखा गया है। साथ ही सेना के हेलिकाप्टर किसी भी आपातकालीन परिस्थिति से निपटने के लिए स्टैंड बाय पर रखे गए हैं।



