Jharkhand News: भुरकुंडा रेलवे साइडिंग पर हाल ही में हुई गोलीबारी की घटना के बाद चर्चा में आए #आजाद सरकार ने शुक्रवार को एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कई अहम खुलासे किए। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि उनका या उनके सहयोगियों – #राहुल सिंह और #अमन साहू गैंग – का राहुल दुबे, सुजीत सिन्हा और प्रदीप गंझू से कोई लेना-देना नहीं है।

आजाद सरकार ने दावा किया कि ये तीनों लोग पहले गिरोह से जुड़े थे, लेकिन अमन साहू ने खुद इन्हें गिरोह से निकाल बाहर किया था। कारण बताया गया कि इन लोगों ने गिरोह के नाम का दुरुपयोग कर छोटे व्यापारियों से जबरन वसूली की, धोखाधड़ी की और दोहरी नीति अपनाई। प्रेस रिलीज़ में यह भी कहा गया कि इनसे जुड़ा कोई भी व्यक्ति अगर संपर्क में पाया गया, तो उसे भी #अमन साहू गैंग से बाहर कर दिया जाएगा।

भुरकुंडा फायरिंग मामले में कुछ समाचारों द्वारा पुलिस द्वारा दिए गए बयान को आजाद सरकार ने पूरी तरह खारिज करते हुए कहा कि असली जिम्मेदारी की सच्चाई सभी को पता है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने एक बार फिर झूठा खंडन देकर, रोड-छाप अपराधियों पर झूठा ठीकरा फोड़कर मामले की खानापूर्ति की है – जैसा कि अमन साहू के फेक एनकाउंटर में हुआ था।

आजाद सरकार ने दावा किया कि भुरकुंडा गोलीबारी उनके गिरोह द्वारा ही करवाई गई है, और इस बात के जमीनी प्रमाण जल्द सामने लाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि पुलिस, ठेकेदार और रेलवे कर्मचारियों को सच्चाई पहले से पता है लेकिन जानबूझकर उसे नजरअंदाज किया जा रहा है।

“जय श्री राम, जय महाकाल” के नारे के साथ प्रेस रिलीज़ समाप्त की गई।

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