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Home»Social/Interesting»अमीर-गरीब के बीच खाई बढ़ाएगा AI, यूएन की रिपोर्ट ने दी बड़ी चेतावनी!
Social/Interesting

अमीर-गरीब के बीच खाई बढ़ाएगा AI, यूएन की रिपोर्ट ने दी बड़ी चेतावनी!

यूनाइटेड नेशंस (UN) की रिपोर्ट के मुताबिक, एआई तकनीक का फायदा सिर्फ अमीर देशों तक सिमट सकता है। इंटरनेट और बिजली जैसी बुनियादी सुविधाओं की कमी गरीब देशों को पीछे धकेल सकती है।
एडिटरBy एडिटरMarch 17, 20262 Mins Read
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London, (UK): आजकल हर तरफ एआई (AI) यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का ही शोर है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि ये चमक-धमक वाली तकनीक आने वाले वक्त में दुनिया में अमीरी और गरीबी के बीच का फासला और भी ज्यादा बढ़ा सकती है? जी हां, यूनाइटेड नेशंस डेवलपमेंट प्रोग्राम (यूएनडीपी) की ताजा रिपोर्ट ने तो कुछ ऐसी ही डरावनी तस्वीर पेश की है। रिपोर्ट का कहना है कि AI का असली मलाईदार फायदा सिर्फ विकसित और संपन्न देश ही उठा पाएंगे, जबकि गरीब देश इस दौड़ में पीछे छूटने के खतरे से जूझ रहे हैं।

अब आप खुद सोचिए, दुनिया में आज भी लाखों-करोड़ों लोग ऐसे हैं जिनके पास न तो बिजली की पक्की सप्लाई है, न इंटरनेट और न ही डिजिटल जानकारी। ऐसे में उन लोगों तक एआई का फायदा पहुंचना तो दूर की बात है। संयुक्त राष्ट्र ने इस हालात की तुलना पुरानी ‘औद्योगिक क्रांति’ से की है। उस जमाने में भी पश्चिमी देशों ने मशीनों के दम पर खूब तरक्की कर ली थी, लेकिन बाकी दुनिया विकास की रेस में पिछड़ गई थी। रिपोर्ट कहती है कि अगर अभी सही नीतियां नहीं बनाई गईं, तो गरीब और बेसहारा लोग इस तकनीकी दुनिया से एकदम बाहर हो जाएंगे।

हालांकि, ऐसा नहीं है कि एआई सिर्फ बुरा ही है। इसके कुछ अच्छे पहलू भी हैं। खेती-बाड़ी में सही सलाह देने, डॉक्टरों की तरह बीमारी का जल्दी पता लगाने और मौसम की सटीक जानकारी देने में ये तकनीक वाकई कमाल कर सकती है। इससे गांवों और आपदा वाले इलाकों में रहने वालों को फायदा मिल सकता है।

लेकिन भाई, विकसित देशों में भी अब माथापच्ची शुरू हो गई है। ये जो बड़े-बड़े एआई डेटा सेंटर बन रहे हैं, ये बेहिसाब बिजली और पानी पी जाते हैं। इस भारी-भरकम बिजली की मांग को पूरा करने के लिए फिर से कोयला और तेल जलाना पड़ सकता है, जिससे ग्लोबल वार्मिंग का खतरा और बढ़ जाएगा। यानी एक तरफ तो एआई सुविधा दे रहा है, लेकिन दूसरी तरफ ये पर्यावरण और सामाजिक समानता के लिए बड़ी चुनौती भी बन गया है।

Read more: सावधान! जानलेवा हो सकती है AI की सलाह, इमरजेंसी पहचानने में फेल

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