Ranchi News: झारखंड के बेड़ो प्रखंड के हरिहरपुर जामटोली गांव में एक दिल दहला देने वाली घटना के बाद, जहां माता-पिता के आकस्मिक निधन से तीन बेटियां अनाथ हो गईं, झारखंड उच्च न्यायालय के माननीय न्यायाधीश-सह-कार्यपालक अध्यक्ष, झालसा सुजित नारायण प्रसाद ने गंभीरता से संज्ञान लिया। उन्होंने झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार (झालसा) एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा), रांची को निर्देश दिया कि वे तत्काल एक टीम गठित कर पीड़ित परिवार को हरसंभव कानूनी और मानवीय सहायता प्रदान करें।

इस निर्देश का अनुपालन करते हुए डालसा के सचिव (ईंचार्ज) अभिषेक वास्तव के नेतृत्व में पीएलवी सदस्यों की एक टीम गठित कर गांव में भेजी गई। टीम ने पीड़ित बच्चों से मुलाकात की और उन्हें आश्वासन दिया कि वे सभी आवश्यक सरकारी योजनाओं से जोड़े जाएंगे। टीम ने पाया कि यह परिवार बेहद कमजोर स्थिति में रह रहा है और अब तक किसी भी सरकारी योजना का लाभ नहीं मिला है।

डालसा टीम ने पीड़ितों को वृद्धा पेंशन योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, राशन कार्ड, सिंचाई कूप योजना, सुकर पालन योजना एवं दीदी-बाड़ी योजना से जोड़ने की प्रक्रिया आरंभ कर दी है। साथ ही, बाल कल्याण विभाग से संपर्क कर तीनों बच्चियों को कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में नामांकन दिलाने का भी प्रयास किया गया है। जिला शिक्षा पदाधिकारी ने भी पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया है।

स्थानीय पीएलवी व ग्रामीणों द्वारा हस्ताक्षरित आवेदन के माध्यम से कई अन्य जरूरतमंद परिवारों की जानकारी भी दी गई है, जिनकी सहायता हेतु डालसा आगे की कार्रवाई कर रहा है। झालसा की यह पहल न केवल संवेदनशील प्रशासनिक दृष्टिकोण को दर्शाती है, बल्कि संकट के समय में जरूरतमंदों तक मदद पहुंचाने की मजबूत मंशा को भी साबित करती है।

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