Health News: अक्सर लोग शरीर में होने वाले छोटे बदलावों को मामूली समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन यही लापरवाही कभी-कभी जिंदगी के लिए बड़ा खतरा बन जाती है। इंग्लैंड के वेल्स स्थित कार्डिफ में रहने वाले 42 वर्षीय एडम वॉटकिंस के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ, जब उन्होंने स्ट्रोक के शुरुआती लक्षणों को हल्के में ले लिया।
एक सुबह नींद से जागने पर एडम को महसूस हुआ कि उनका बायां हाथ सुन्न है और बोलने में परेशानी हो रही है। उन्होंने इसे गलत तरीके से सोने का असर समझकर अनदेखा कर दिया। हालांकि, कुछ ही घंटों में उनकी हालत बिगड़ने लगी। जब वे अपनी 36 वर्षीय पार्टनर लौरा मिलफोर्ड से बात कर रहे थे, तो उनकी आवाज लड़खड़ाने लगी। शुरुआत में लौरा को लगा कि शायद एडम ने ज्यादा शराब पी ली है, लेकिन सच्चाई कहीं ज्यादा गंभीर थी।
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कुछ देर बाद जब एडम बगीचे में बैठे थे, तो उनका बायां हाथ पूरी तरह बेकार हो गया और उंगलियों से सिगरेट फिसलकर गिर गई। इसी दौरान लौरा ने देखा कि एडम के चेहरे का बायां हिस्सा भी नीचे की ओर लटकने लगा है। हालात की गंभीरता को समझते हुए लौरा तुरंत उन्हें अस्पताल ले गईं।
डॉक्टरों की जांच में सामने आया कि एडम को ‘मिनी स्ट्रोक’ यानी ट्रांजिएंट इस्केमिक अटैक हुआ है। डॉक्टरों के मुताबिक, इसकी सबसे बड़ी वजह पिछले 25 वर्षों से चली आ रही उनकी धूम्रपान की आदत थी। एडम हर महीने सिगरेट पर करीब 20 हजार रुपये खर्च कर रहे थे। उनकी स्थिति इसलिए भी गंभीर थी क्योंकि वे पहले से ‘पॉलीसिथेमिया’ नामक ब्लड डिसऑर्डर से पीड़ित थे, जिसमें शरीर जरूरत से ज्यादा लाल रक्त कोशिकाएं बनाता है और खून गाढ़ा हो जाता है।
एडम ने बताया कि उन्होंने 17 साल की उम्र में सिगरेट पीना शुरू किया था, जो धीरे-धीरे लत बन गई और वे रोज करीब 30 सिगरेट पीने लगे। धूम्रपान से शरीर में कार्बन मोनोऑक्साइड बढ़ती है, जिससे ऑक्सीजन की आपूर्ति घटती है और स्ट्रोक का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।
इस घटना के बाद एडम और लौरा ने धूम्रपान छोड़ने का फैसला किया और एनएचएस की ‘हेल्प मी क्विट’ सेवा की मदद ली। कुछ ही हफ्तों में एडम की सेहत में सुधार दिखने लगा। उनकी खांसी खत्म हो गई, स्वाद और सूंघने की क्षमता बेहतर हुई और अब वे हर महीने हजारों रुपये बचा पा रहे हैं। लौरा के मुताबिक, अब दोनों साथ मिलकर लंबी सैर पर जा पाते हैं, जो पहले संभव नहीं था।



