अपनी भाषा चुनेें :
बटन दबाकर थोड़ा इंतज़ार करें...
India News: मुंबई के भांडुप इलाके में एक 16 वर्षीय नाबालिग द्वारा 15 साल की किशोरी की कथित हत्या का मामला सामने आया है, जिसने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है। घटना का खुलासा होते ही पुलिस और स्थानीय लोग स्तब्ध रह गए।
घटना 24 जून की है, जब मृतक किशोरी, जो कि एक अंतरराष्ट्रीय स्कूल की छात्रा थी और मुलुंड में अपनी मां के साथ रहती थी, अपने नाबालिग मित्र से मिलने भांडुप पश्चिम की एक हाउसिंग सोसाइटी में गई थी।
पढ़ाई के तनाव से शुरू हुई बातचीत, ‘डेटिंग’ पर खत्म हुई
पुलिस के अनुसार, दोनों छत पर पानी की टंकी के पास बैठे थे और किशोरी ने पढ़ाई से जुड़ा तनाव अपने दोस्त से साझा किया। बातचीत के दौरान दोनों के बीच ‘डेटिंग’ को लेकर बहस शुरू हो गई, जो धीरे-धीरे तेज होती चली गई।
बहस इस हद तक पहुंच गई कि लड़के ने गुस्से में आकर किशोरी को छत से धक्का दे दिया। लड़की ऊंचाई से गिरकर मौके पर ही दम तोड़ बैठी।
आत्महत्या की झूठी कहानी बनाने की कोशिश
घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी लड़के ने बड़ी चालाकी से सबूत मिटाने की कोशिश की। उसने किशोरी का मोबाइल फोन भी छत से फेंक दिया, ताकि इसे आत्महत्या का मामला दिखाया जा सके।
उसने शुरू में पुलिस को बताया कि लड़की पढ़ाई के तनाव से परेशान थी और उसने 30वीं व 31वीं मंजिल के बीच की खिड़की से कूदकर जान दे दी।
CCTV फुटेज ने खोली सारी पोल
हालांकि, पुलिस को शुरू से ही लड़के की कहानी में कुछ गड़बड़ महसूस हुई। जब इमारत के सीसीटीवी फुटेज की जांच की गई, तो सच्चाई सामने आने लगी।
फुटेज में दोनों को साथ छत की ओर जाते हुए देखा गया और कुछ समय बाद सिर्फ लड़का नीचे लौटता दिखा। इसके बाद जब पुलिस ने लड़के से सख्ती से पूछताछ की, तो उसने अपना गुनाह कबूल कर लिया।
शव मिला ‘डक्ट’ में, गार्ड ने दी सूचना
इस खौफनाक घटना की जानकारी तब सामने आई जब इमारत के सुरक्षा गार्ड ने एक ‘डक्ट’ में लड़की का शव देखा और तुरंत पुलिस को सूचित किया।
मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लिया और फोरेंसिक टीम ने साक्ष्य जुटाए। घटनास्थल से फेंका गया मोबाइल फोन भी बरामद किया गया।
हत्या का मामला दर्ज, सुधारगृह भेजा गया आरोपी
पुलिस ने किशोर के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 302 (हत्या) के तहत मामला दर्ज कर लिया है। चूंकि आरोपी नाबालिग है, इसलिए उसे डोंगरी स्थित किशोर सुधारगृह में भेज दिया गया है।
इस मामले में जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड की निगरानी में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

