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Jharkhand News: झारखंड में विपक्ष के नेता और पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने राज्य में फर्जी दस्तावेजों के बढ़ते मामलों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि अब केवल बांग्लादेशी घुसपैठिए ही नहीं, बल्कि कांग्रेस के विधायक और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी (IAS) भी फर्जी दस्तावेज बनवाकर लोकतांत्रिक व्यवस्था का मजाक बना रहे हैं।
बाबूलाल ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के माध्यम से दावा किया कि कांग्रेस की एक महिला विधायक के पास दो पैन कार्ड और चार वोटर आईडी कार्ड हैं। उन्होंने इस पर सवाल उठाते हुए कहा, “क्या चुनाव आयोग को धोखा देना, झूठा हलफनामा देना और जनता से सच्चाई छिपाना ही कांग्रेस का जनप्रतिनिधित्व है?”
फर्जीवाड़े की परंपरा पुरानी, लेकिन अब दायरा बढ़ा
मरांडी ने कहा कि झारखंड में पहले केवल बांग्लादेशी घुसपैठियों के नाम पर फर्जी दस्तावेजों का खेल चल रहा था, लेकिन अब इसमें जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी भी शामिल हो गए हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसे लोग न केवल सरकारी योजनाओं और नौकरियों में आरक्षण का दुरुपयोग कर रहे हैं, बल्कि मतदाता सूची और सुरक्षा प्रणाली को भी नुकसान पहुंचा रहे हैं।
बहती गंगा में हाथ धोने वालों की लंबी कतार
भाजपा नेता ने तंज करते हुए कहा कि राज्य में “बहती गंगा में हाथ धोने वालों की कतार काफी लंबी है” और यह स्थिति राज्य की सामाजिक, सामरिक और सुरक्षा व्यवस्था के लिए खतरे का संकेत है। उन्होंने कहा कि जन्म प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, पैन कार्ड जैसे दस्तावेजों में फर्जीवाड़ा अब आम बात होती जा रही है।
राज्य सरकार से कार्रवाई की मांग
बाबूलाल मरांडी ने इस गंभीर मुद्दे पर राज्य सरकार से तत्काल संज्ञान लेने और ऐसे लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि अगर इस पर रोक नहीं लगी, तो आने वाले समय में यह समस्या और भी गंभीर रूप ले सकती है।
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