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Home»India»बहिष्कार के चलते अब तुर्की के छात्र भारत में नहीं कर सकेंगे पढ़ाई, करार खत्म
India

बहिष्कार के चलते अब तुर्की के छात्र भारत में नहीं कर सकेंगे पढ़ाई, करार खत्म

Faizal HaqueBy Faizal HaqueMay 18, 20252 Mins Read
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India News: ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत की कार्रवाई का विरोध और पाकिस्तान का तुर्की ने समर्थन किया था। इसके बाद भारत में तुर्की के खिलाफ गुस्सा फट पड़ा है। पाकिस्तान को सैन्य समर्थन देने के आरोपों के बीच भारत में तुर्की के बहिष्कार की मुहिम जारी है। भारत-पाकिस्तान के मौजूदा हालातों पर तुर्की ने पाकिस्तान का खुलकर समर्थन किया था। अब इसका असर व्यापार, टूरिस्टों और किसानों के बाद विश्वविद्यालयों के लेवल पर भी देखने को मिल रहा है। देश के नामचीन यूनिवर्सिटी ने पाकिस्तान का समर्थन करने वाले तुर्की और अजरबैजान का बहिष्कार करना शुरु कर दिया है। इसके तहत ग्रेटर नोएडा के शारदा यूनिवर्सिटी ने भी देशहित के लिए अहम कदम उठाया है।

ग्रेटर नोएडा की एक यूनिवर्सिटी ने देशहित में उठाया अहम कदम

शारदा यूनिवर्सिटी ने तुर्की के दो यूनिवर्सिटी के साथ छह से आठ साल पुराना रिचर्स व कल्चर एक्सचेंज के करार को खत्म कर दिया है। अब यूनिवर्सिटी तुर्की के छात्रों को प्रवेश नहीं देगा। शारदा यूनिवर्सिटी में मौजूदा समय में करीब 15 तुर्की छात्र पढ़ाई कर रहे हैं। देश में जेएनयू और लवली यूनिवर्सिटी के बाद शारदा यूनिवर्सिटी ऐसा तीसरा संस्थान है, जिसने तुर्की के साथ समझौता खत्म किया है। इस संबंध में शारदा की ओर से तुर्की के दोनों यूनिवर्सिटी को पत्र भेज दिया है।

शारदा यूनिवर्सिटी के डायरेक्टर जनसंपर्क ने बताया कि यूनिवर्सिटी की ओर से यह फैसला देशहित में लिया गया है। क्योंकि शारदा यूनिवर्सिटी के लिए अपना देश सर्वोपरि है। उन्होंने बताया कि इस्तांबुल आयडिन यूनिवर्सिटी और हसन कलोंची यूनिवर्सिटी के साथ शारदा ने रिसर्च एवं कल्चर एक्सचेंज का करार किया था। यह समझौता 2017 और 2019 में किए गए थे। वहां के दोनों यूनिवर्सिटी के साथ रिचर्स करने और एक-दूसरे देश की सभ्यता और सांस्कृतिक से रुबरू हो रहे थे। इस साल तुर्की के बच्चे अगस्त में भारत आते, लेकिन करार खत्म होने से अब ऐसा नहीं होगा।

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