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Jharkhand News: झारखंड के पलामू जिले में प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन तृतीय सम्मेलन प्रस्तुति कमिटी (TSPC) के दस्ते और पुलिस के बीच एक बार फिर मुठभेड़ हुई है। यह मुठभेड़ जिले के मनातू थाना क्षेत्र के जसपुर गांव के समीप स्थित घने जंगलों में शनिवार को हुई। पुलिस को यह मुठभेड़ महज 15 दिन के भीतर दूसरी बार करनी पड़ी है। इससे पहले 2 मई को मनातू और तरहसी थाना क्षेत्र की सीमा पर स्थित सिंजो महुअरी के जंगल में पुलिस और उग्रवादियों के बीच मुठभेड़ हुई थी।
इस बार मुठभेड़ TSPC के 10 लाख रुपये के इनामी जोनल कमांडर शशिकांत के दस्ते के साथ हुई। पुलिस सूत्रों के अनुसार, इस भीषण मुठभेड़ में कुछ उग्रवादियों को गोली लगने की आशंका है, हालांकि अब तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। मुठभेड़ के बाद घटनास्थल की गहन तलाशी ली गई, जिसमें उग्रवादियों के कई सामान बरामद किए गए हैं।
गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने की कार्रवाई
पुलिस अधीक्षक रीष्मा रमेशन ने बताया कि उन्हें गुप्त सूचना मिली थी कि TSPC के उग्रवादी जंगल में छिपे हुए हैं। इस आधार पर विशेष पुलिस टीम को गश्त पर भेजा गया। जैसे ही टीम जंगल में पहुंची, उग्रवादियों ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। इसके जवाब में पुलिस ने भी मोर्चा संभालते हुए गोलीबारी की। दोनों ओर से लगभग आधे घंटे तक भीषण फायरिंग होती रही। इसके बाद उग्रवादी घने जंगल का सहारा लेकर भागने में कामयाब हो गए।
इलाके में चल रहा व्यापक सर्च अभियान
मुठभेड़ के बाद पुलिस और अर्धसैनिक बलों ने पूरे क्षेत्र को घेर लिया है। जंगलों में छिपे उग्रवादियों की तलाश के लिए सघन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। इसके अलावा आसपास के गांवों में भी पुलिस नजर बनाए हुए है ताकि कोई भी उग्रवादी भाग न सके। इलाके में अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती भी की गई है।
बरामद हुए उग्रवादियों के हथियार और सामान
घटनास्थल की तलाशी में पुलिस को कई अहम सुराग मिले हैं। इसमें उग्रवादियों के इस्तेमाल में लाए गए बैग, कारतूस, दवाइयां और अन्य सामान बरामद किए गए हैं। इससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि दस्ते की संख्या अधिक हो सकती थी और वे किसी बड़ी घटना को अंजाम देने की फिराक में थे।
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि अभियान जारी रहेगा और किसी भी सूरत में उग्रवादियों को बख्शा नहीं जाएगा। जिले में सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हैं और TSPC जैसे संगठनों की गतिविधियों पर पैनी नजर रखी जा रही है।

