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Jharkhand News: शुक्रवार को चाईबासा की धरती देशभक्ति के रंग में सराबोर हो गई, जब ऑपरेशन सिंदूर की वीरगाथा को समर्पित भव्य तिरंगा यात्रा निकाली गई। सुपलसाईं चौक से पोस्ट ऑफिस चौक तक आयोजित इस यात्रा में हजारों लोगों ने हिस्सा लिया। यात्रा ने पूरे शहर को एकता और देशप्रेम के संदेश से भर दिया।
यात्रा की शुरुआत भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा पर माल्यार्पण के साथ हुई। इसके बाद हर उम्र के लोगों (बुजुर्गों, युवाओं, महिलाओं और बच्चों) ने भारत माता की जय, वंदे मातरम्, और वीरों को नमन जैसे नारों के साथ पूरे मार्ग को गूंजा दिया। देशभक्ति से भरे गीतों और झंडों की लहराती कतारों ने चाईबासा को एक उत्सव स्थल में बदल दिया।
इस अवसर पर शहीद राम भगवान केरकेट्टा को श्रद्धा सुमन अर्पित किए गए। साथ ही ऑपरेशन सिंदूर में शामिल रहे कई वीर सैनिकों को सम्मानित किया गया। वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि ऑपरेशन सिंदूर सिर्फ एक सैन्य मिशन नहीं, बल्कि भारत की सुरक्षा और आत्मसम्मान का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि यह अभियान भले ही स्थगित हो सकता है, लेकिन समाप्त नहीं, क्योंकि देश की रक्षा की लड़ाई निरंतर जारी है।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एक सशक्त, आत्मनिर्भर और सुरक्षित भारत के निर्माण की बात कही। उन्होंने कहा कि हमारी सेना सिर्फ सीमाओं की रक्षा नहीं करती, बल्कि राष्ट्र की अस्मिता की भी रक्षक है।
इस ऐतिहासिक आयोजन में कई प्रमुख राजनीतिक, सामाजिक और व्यावसायिक हस्तियों ने भाग लिया। पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा, पूर्व मंत्री बड़कुंवर गागराई, पूर्व सांसद गीता कोड़ा, प्रदेश प्रवक्ता जे.बी. तुबिद, देवी शंकर दत्ता (काबू दत्ता), नीरज संदवार, राजकुमार ओझा, संजय पांडे, गीता बलमुचू, सतीश पुरी और चंद्रमोहन तिउ मंच पर विशेष रूप से उपस्थित रहे।
इसके अलावा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल, हिंदू जागरण मंच, सृष्टि चाईबासा, लायंस क्लब, मारवाड़ी सभा, उरांव समाज, विश्वकर्मा समाज, जायंट्स ग्रुप, बंगाली सेवा समिति और विरांगना वाहिनी जैसे संगठनों ने सक्रिय भागीदारी निभाई।

