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Jharkhand News: साकची स्थित महात्मा गांधी मेमोरियल (MGM) मेडिकल कॉलेज अस्पताल में शनिवार रात हुई दर्दनाक दुर्घटना ने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया है। अस्पताल की इमारत की छत का एक हिस्सा अचानक गिर जाने से अब तक 3 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 12 लोग घायल हैं। हादसे के वक्त भवन में कुल 15 लोग मौजूद थे।
मृतकों की पहचान गोविंदपुर निवासी लुकास साइमन तिर्की, साकची निवासी डेविड जोनसन और सरायकेला निवासी श्रीचंद तांती के रूप में हुई है। श्रीचंद तांती की मां रेणुका देवी गंभीर रूप से घायल हैं और उन्हें टाटा मेन हॉस्पिटल (टीएमएच) में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत नाजुक बनी हुई है।
हादसे के बाद एनडीआरएफ की टीम तुरंत जमशेदपुर पहुंची और जिला प्रशासन तथा टाटा स्टील की रेस्क्यू टीम के साथ मिलकर मलबे में फंसे लोगों को बाहर निकाला। राहत और बचाव कार्य देर रात तक जारी रहा।
घटना के तुरंत बाद प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने मृतकों के परिजनों को 5 लाख रुपये तथा घायलों को 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की। साथ ही इस घटना की उच्चस्तरीय जांच कराने का आदेश भी दिया गया है।
प्रदेश के शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन ने भी घटनास्थल का दौरा किया और कहा कि इस दुखद हादसे के लिए जो भी जिम्मेदार होंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इस बीच, विपक्ष ने सरकार को घेरना शुरू कर दिया है। भारतीय जनता पार्टी की विधायक पूर्णिमा साहू और राजद के वरिष्ठ नेता सरयू राय ने मौके पर पहुंचकर घायलों से मुलाकात की और राज्य सरकार पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया। विपक्ष का सवाल है कि जिस भवन की हालत इतनी जर्जर थी, उसे खाली क्यों नहीं कराया गया? और आखिर किसने आम नागरिकों को वहां ठहरने की अनुमति दी?

