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Chennai: तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के नतीजों ने दक्षिण भारत की सियासत को पूरी तरह बदल दिया है। अभिनेता से राजनेता बने विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कड़गम (टीवीके) ने ऐतिहासिक जीत तो दर्ज की है, लेकिन पार्टी बहुमत के जादुई आंकड़े से कुछ सीटें दूर रह गई है। इस स्थिति ने राज्य में गठबंधन की सरकार बनने की संभावनाओं को प्रबल कर दिया है। इसी बीच कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शशि थरूर ने टीवीके को इंडिया गठबंधन में शामिल करने और समर्थन देने के स्पष्ट संकेत दिए हैं।
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शशि थरूर का बड़ा बयान
सांसद शशि थरूर ने वर्तमान राजनीतिक हालातों पर चर्चा करते हुए कहा कि विजय की पार्टी को सरकार बनाने के लिए अतिरिक्त समर्थन की जरूरत होगी। उन्होंने सुझाव दिया कि इंडिया गठबंधन की पार्टियां इस दिशा में बातचीत कर सकती हैं। थरूर ने यह भी साफ किया कि चुनाव से पहले कांग्रेस का डीएमके के साथ खड़े रहना गलत नहीं था, लेकिन अब चुनावी नतीजे आने के बाद नए समीकरणों पर विचार करना जरूरी हो गया है।
आंकड़ों का गणित और गठबंधन की उम्मीद
थरूर ने सीटों के समीकरणों का हवाला देते हुए बताया कि तमिलनाडु में कांग्रेस के पास 5 सीटें हैं, जबकि आईयूएमएल और सीपीआई के पास दो-दो सीटें हैं। इन नौ सीटों के आधार पर टीवीके के साथ गठबंधन की संभावनाओं को बल मिल रहा है। गौरतलब है कि विजय ने चुनाव से पहले भाजपा, डीएमके और एआईडीएमके के साथ किसी भी समझौते से इनकार कर दिया था, लेकिन अब बदलते हालात कांग्रेस और टीवीके को करीब ला सकते हैं।
‘थलपति’ विजय के सामने 4 विकल्प
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कांग्रेस का साथ: विजय कांग्रेस के समर्थन से सरकार बना सकते हैं। हालांकि, विचारधारा में सामंजस्य बिठाना और अपने मतदाताओं की प्रतिक्रिया को संभालना एक बड़ी चुनौती होगी। कांग्रेस नेता शशि थरूर ने भी इस दिशा में बातचीत के संकेत दिए हैं।
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BJP का साथ: भाजपा के साथ गठबंधन करने से केंद्र के साथ मजबूत रिश्तों और विकास के एजेंडे को बल मिल सकता है। लेकिन तमिलनाडु में भाजपा का आधार कमजोर होना विजय के लिए एक नकारात्मक पहलू साबित हो सकता है।
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स्वतंत्र रूप से सरकार बनाना: विजय छोटी पार्टियों और निर्दलीय उम्मीदवारों के समर्थन से सत्ता हासिल कर सकते हैं। हालांकि, ऐसी सरकार में स्थिरता बनाए रखना और गठबंधन सहयोगियों की मांगों को पूरा करना मुश्किल हो सकता है।
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दोबारा चुनाव की राह: यदि बहुमत के लिए आवश्यक सीटों का जुगाड़ नहीं हो पाता है और कोई भी गठबंधन संभव नहीं दिखता, तो राज्य में दोबारा चुनाव कराना ही एकमात्र विकल्प बचेगा
सियासी भविष्य पर नजर
थरूर का मानना है कि टीवीके को इंडिया गठबंधन से बाहर नहीं रखा जा रहा है और उन्हें साथ आने का मौका मिल सकता है। हालांकि, उन्होंने यह भी जोड़ा कि किसी अंतिम नतीजे पर पहुंचना अभी जल्दबाजी होगी। फिलहाल, तमिलनाडु की सत्ता की चाबी किसके हाथ में होगी, इसका फैसला आने वाले दिनों की राजनीतिक बैठकों पर टिका है।
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