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Ranchi: झारखंड में राष्ट्रीय महत्व के अभियान जनगणना-2027 के प्रथम चरण का औपचारिक शुभारंभ शुक्रवार को हो गया है। राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने रांची के लोक भवन में ‘स्व-गणना’ (Self-Enumeration) प्रक्रिया की शुरुआत करते हुए अपनी जानकारी दर्ज की। उन्होंने स्पष्ट किया कि आंकड़ों की विकासोन्मुख योजनाओं के निर्माण में बेहद महत्वपूर्ण भूमिका होती है।
मुख्यमंत्री ने भी पूरी की प्रक्रिया
कांके रोड स्थित आवासीय कार्यालय में मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने भी अपनी पत्नी और विधायक कल्पना सोरेन की उपस्थिति में स्व-गणना की प्रक्रिया पूरी की। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनगणना सिर्फ आंकड़े जुटाना नहीं, बल्कि आम जनता के भविष्य को सही दिशा देने का आधार है। उन्होंने अधिकारियों को सुझाव दिया कि इस कार्य में क्षेत्रीय भाषाओं के जानकार कर्मियों को भी शामिल किया जाए ताकि डेटा संग्रह और सटीक हो सके।
क्या है पूरा शेड्यूल? जनगणना अधिकारियों के अनुसार, अभियान को चरणों में बांटा गया है:
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01 मई से 15 मई: ऑनलाइन स्व-गणना पोर्टल के माध्यम से नागरिक स्वयं अपनी जानकारी दर्ज कर सकते हैं।
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16 मई से 14 जून: पूरे राज्य में मकान सूचीकरण और मकान गणना का कार्य घर-घर जाकर किया जाएगा।
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33 प्रकार के आंकड़े: इस चरण के दौरान प्रगणक कुल 33 श्रेणियों में डेटा संकलित करेंगे, जिसमें आवासीय स्थिति और सामाजिक-आर्थिक पहलू शामिल हैं।
आदित्य साहू ने जनता से अपील
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने भी ओरमांझी स्थित अपने पैतृक गांव कुच्चू में स्व-गणना फॉर्म भरकर इस अभियान में अपनी सहभागिता दर्ज कराई। उन्होंने नागरिकों से आह्वान किया कि जब प्रगणक आपके घर पहुंचें, तो उन्हें सही और पूर्ण जानकारी उपलब्ध कराएं। विकास की योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए यह डेटा रीढ़ की हड्डी का काम करेगा।

