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Home»States»Jharkhand»जमशेदपुर में राज्य स्तरीय कबूतरबाज़ी का धमाकेदार आगाज़
Jharkhand

जमशेदपुर में राज्य स्तरीय कबूतरबाज़ी का धमाकेदार आगाज़

Faizal HaqueBy Faizal HaqueApril 30, 20262 Mins Read
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Jamshedpur news: बिष्टुपुर स्थित धातकीडीह में गुरुवार से राज्य स्तरीय कबूतरबाज़ी प्रतियोगिता का भव्य आगाज़ हुआ, जिसमें झारखंड के विभिन्न जिलों से पहुंचे प्रतिभागियों ने उत्साह के साथ भाग लिया। जमशेदपुर फ्लाइ एसोसिएशन से जुड़े करीब 30 सदस्य इस आयोजन में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। प्रतियोगिता 10 मई तक चलेगी, जबकि 15 मई को परिणाम घोषित किए जाएंगे और 16 मई को विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे। आयोजन स्थल पर सुबह से ही कबूतर प्रेमियों और स्थानीय लोगों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई, जिससे पूरे इलाके में मेले जैसा माहौल बना रहा।
प्रतियोगिता के नियमों के अनुसार प्रतिभागी एक साथ आठ कबूतरों को उड़ाते हैं और जो कबूतर सबसे अधिक समय तक आसमान में उड़ान बनाए रखता है, उसे विजेता घोषित किया जाता है। इसी आधार पर प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले को 50 हजार रुपये और द्वितीय स्थान पाने वाले को 30 हजार रुपये का नगद पुरस्कार दिया जाएगा। प्रतियोगिता में भाग लेने आए उस्मान भाई ने बताया कि उन्होंने अपने आठ जोड़े कबूतर मैदान में उतारे हैं और उन्हें अपने कबूतरों की उड़ान क्षमता पर पूरा भरोसा है। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन पारंपरिक शौक को जीवित रखने के साथ-साथ कबूतर पालकों के बीच आपसी मेलजोल और प्रतिस्पर्धा की भावना को भी बढ़ाते हैं।
आयोजन से जुड़े सलीम मामा,  मुन्ना और अन्य आयोजकों ने बताया कि यह आयोजन अलग अलग क्लबों द्वारा आयोजित होता है।कबूतरबाज़ी की परंपरा प्राचीन समय से चली आ रही है और इसका संबंध राजाओं-महाराजाओं के दौर से रहा है। उस समय यह शौक शान और मनोरंजन का प्रतीक माना जाता था, जो आज भी समाज के कुछ वर्गों में जीवित है। उन्होंने कहा कि आधुनिक दौर में भी युवा पीढ़ी इस पारंपरिक खेल में रुचि दिखा रही है, जो इसकी निरंतरता का संकेत है।
विशेषज्ञ मिराज खान  का मानना है कि कबूतरबाज़ी केवल एक खेल नहीं, बल्कि एक कला है, जिसमें कबूतरों की विशेष ट्रेनिंग, उनकी दिशा पहचानने की क्षमता, सहनशक्ति और मालिक के साथ तालमेल अहम भूमिका निभाते हैं। प्रतिभागी अपने कबूतरों को संतुलित आहार, नियमित अभ्यास और विशेष देखभाल के जरिए तैयार करते हैं ताकि वे लंबे समय तक उड़ान भर सकें। प्रतियोगिता के दौरान पारदर्शिता बनाए रखने के लिए निगरानी की विशेष व्यवस्था की गई है, जिससे निष्पक्ष परिणाम सुनिश्चित किया जा सके।
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