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Sahibganj: झारखंड के साहिबगंज जिले से भ्रष्टाचार का एक बड़ा मामला सामने आया है। बोरियो प्रखंड की बिचपुरा पंचायत की पंचायत सचिव आशा कुमारी पर ग्रामीणों ने योजनाओं का लाभ दिलाने के नाम पर अवैध वसूली के गंभीर आरोप लगाए हैं। रंगमटिया गांव के दर्जनों ग्रामीणों ने लामबंद होकर पंचायत सचिव की कार्यशैली के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
PM आवास के नाम पर वसूली, अमीर हुए मालामाल
ग्रामीणों का आरोप है कि प्रधानमंत्री आवास योजना में नाम जोड़ने के बदले पंचायत सचिव ने प्रति व्यक्ति 1,000 रुपये वसूले। हैरान करने वाली बात यह है कि पैसे देने के बावजूद योग्य गरीब लाभुक आज भी योजना से वंचित हैं, जबकि पक्के मकान और ट्रैक्टर रखने वाले संपन्न लोगों को इस योजना का लाभ दे दिया गया। ग्रामीणों का कहना है कि एक ही परिवार के कई-कई सदस्यों को गलत तरीके से आवास आवंटित किए गए हैं।
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वृद्ध विधवा से भी नहीं किया परहेज
भ्रष्टाचार की हद तब पार हो गई जब गांव की एक वृद्ध महिला सांझली हांसदा ने आपबीती सुनाई। महिला के अनुसार, उनके पति की मृत्यु के बाद ‘मृत्यु प्रमाण पत्र’ (Death Certificate) जारी करने के नाम पर पंचायत सचिव ने 2,000 रुपये लिए, लेकिन आज तक उन्हें सर्टिफिकेट नहीं मिला है।
मनरेगा में कमीशन और पलायन का डर
ग्रामीणों ने मनरेगा योजनाओं में भी 4 से 6 प्रतिशत कमीशन मांगे जाने का आरोप लगाया है। इस कमीशनखोरी के कारण मजदूरों को समय पर काम नहीं मिल पा रहा है और वे रोजी-रोटी की तलाश में पलायन करने को मजबूर हैं।
प्रशासन का रुख: इन गंभीर आरोपों के बाद बोरियो के प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) सह अंचल अधिकारी नागेश्वर साव ने मामले को संज्ञान में लिया है। उन्होंने पूरे प्रकरण की जांच कराने और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।
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