Close Menu
Public AddaPublic Adda
  • होम
  • देश
  • दुनिया
  • झारखंड
  • बिहार
  • यूपी
  • राजनीति
  • स्पोर्ट्स
  • सोशल
  • अन्य
Facebook X (Twitter) Instagram
Public AddaPublic Adda

  • Home
  • India
  • World
  • States
    • Jharkhand
    • Bihar
    • Uttar Pradesh
  • Politics
  • Sports
  • Social/Interesting
  • More Adda
Public AddaPublic Adda
  • होम
  • देश
  • दुनिया
  • झारखंड
  • बिहार
  • यूपी
  • राजनीति
  • स्पोर्ट्स
  • सोशल
  • अन्य
Home»Social/Interesting»सोशल मीडिया बना किशोरियों के लिए काल, 10 मिनट की स्क्रॉलिंग छीन रही है मुस्कान!
Social/Interesting

सोशल मीडिया बना किशोरियों के लिए काल, 10 मिनट की स्क्रॉलिंग छीन रही है मुस्कान!

इंटरनेट और सोशल मीडिया किशोरियों के आत्मसम्मान और मानसिक सेहत के लिए बड़ा खतरा बन गए हैं। विशेषज्ञ बताते हैं कि महज 10 मिनट का इस्तेमाल भी लड़कियों में हीनभावना भर सकता है।
एडिटरBy एडिटरMarch 11, 20262 Mins Read
Facebook Twitter WhatsApp Threads Telegram
Share
Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email Telegram WhatsApp Threads Copy Link

अपनी भाषा चुनेें :

बटन दबाकर थोड़ा इंतज़ार करें...

New Delhi: भाई साहब, आज के दौर में मोबाइल और इंटरनेट जितनी सुविधा दे रहे हैं, उससे कहीं ज्यादा ये हमारी नई पीढ़ी, खासकर टीनेज लड़कियों के लिए ‘मानसिक जहर’ बनते जा रहे हैं। दिल्ली की गलियों से लेकर बड़े शहरों के आलीशान कमरों तक, ये समस्या अब हर घर की कहानी बनती जा रही है।

आप खुद सोचिए, जिसे हम महज एक फोटो या वीडियो पर किया गया मजाक समझते हैं, वो एक कच्ची उम्र की लड़की के दिल पर कितना गहरा घाव छोड़ता होगा। मनोवैज्ञानिकों की मानें तो सोशल मीडिया पर सिर्फ 10 मिनट बिताने के बाद ही लड़कियां अपने शरीर और चेहरे से नफरत करने लगती हैं। क्यों? क्योंकि वे अपनी असल खूबसूरती की तुलना इंटरनेट पर मौजूद उन नकली फिल्टर वाली तस्वीरों से करने लगती हैं। इस होड़ में वे ‘बॉडी डिस्मॉर्फिक डिसऑर्डर’ जैसी बीमारी का शिकार हो रही हैं।

Read more: मुंह पर प्लास्टिक बांधकर खाना खा रहे चीनी युवा, सोशल मीडिया पर डराने वाला ट्रेंड

हैरानी की बात तो ये है कि अब लड़कियों को इंसान नहीं, बल्कि एक वस्तु की तरह देखा जाने लगा है। उनके कपड़ों और रंग-रूप पर रेटिंग दी जाती है। सबसे शर्मनाक तो ये है कि महिलाओं के खिलाफ होने वाली हिंसा और उत्पीड़न जैसी घटनाओं पर भी लोग भद्दी टिप्पणियां करते हैं और उन्हें धड़ल्ले से लाइक्स भी मिलते हैं।

विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि सोशल मीडिया का एल्गोरिदम लड़कों को भी गलत रास्ते पर ले जा रहा है। उन्हें ऐसा कंटेंट दिखाया जाता है जो महिला विरोधी सोच को बढ़ावा देता है। यही वजह है कि लड़कियों में डिप्रेशन और खुदकुशी की प्रवृत्ति बढ़ रही है। एक रिपोर्ट कहती है कि करीब 38 प्रतिशत महिलाएं ऑनलाइन हिंसा झेल चुकी हैं।

ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों ने तो 16 साल से कम उम्र के बच्चों पर पाबंदी लगा दी है। लेकिन क्या सिर्फ पाबंदी से काम चलेगा? जी नहीं! अब वक्त आ गया है कि हम अपने घरों और स्कूलों में बच्चों को डिजिटल नैतिकता सिखाएं और उन्हें दूसरों का सम्मान करना बताएं। अगर आज हम नहीं चेते, तो ये डिजिटल दुनिया हमारी अगली पीढ़ी को मानसिक रूप से खोखला कर देगी।

Read more: सोशल मीडिया से मिठाई तक: ‘लिम्बिक कैपिटलिजम’ का जाल

WhatsApp Group जुड़ने के लिए क्लिक करें 👉 Join Now
Follow on Google News
Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Threads Copy Link

Related Posts

सम्राट सरकार का कड़ा संदेश: बिहार में दरिंदों को नहीं मिलेगी पनाह, सीधे जेल की तैयारी

May 1, 2026

उंगलियों के सहारे बड़े-बड़े जोड़-घटाव, गुणा-भाग करना मानसिक संतुलन और एकाग्रता की पहचान है: शिव शंकर सिंह

April 19, 2026

कमाई के लिए YouTube पर परोसा जा रहा फर्जी कंटेंट, उठी लगाम की मांग

April 15, 2026

RECENT ADDA.

जमशेदपुर में 2570वीं बुद्ध जयंती: शांति और सेवा का भव्य संगम

May 2, 2026

जमशेदपुर में 100 रक्तवीर सम्मानित: रक्तदान से जीवन बचाने का अनोखा जश्न

May 2, 2026

आदित्यपुर हादसा: 20 फीट से गिरकर दो मजदूरों की मौत, सुरक्षा पर सवाल

May 2, 2026

बोकारो में प्रदूषण का खतरा: थर्मल प्लांट से नदी में बह रहा जहरीला पानी

May 2, 2026

चक्रधरपुर में सनसनी: चरित्र पर शक में पति ने पत्नी को उतारा मौत के घाट

May 2, 2026
Today’s Horoscope
© 2026 Public Adda. Designed by Launching Press.
  • About
  • Contact
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • DMCA
  • Adsense

Home

News

Web Stories Fill Streamline Icon: https://streamlinehq.com

Web Stories

WhatsApp

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.