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Lifestyle Desk: अगर आप भी अपने बच्चों को लंच में रोज आलू का पराठा या सैंडविच-पास्ता देकर उनके पोषण का ध्यान रख रही हैं, तो आप बिल्कुल गलत हैं। बच्चों के सही विकास के लिए स्कूल लंच में इन चीजों को भूलकर भी न दें, क्योंकि इससे बच्चे के शारीरिक और मानसिक विकास पर विपरीत प्रभाव पड़ने लगता है।
सुबह नाश्ते में अधिकतर परिवारों में आलू का पराठा बनाकर खाया जाता है। आलू का पराठा पेट तो भर देता है, लेकिन यह कार्बोहाइड्रेट और वसा से भरपूर होता है। इससे बच्चों के शरीर में फाइबर और प्रोटीन की कमी पैदा हो सकती है। इसके अलावा, यह पचाने में भी काफी भारी होता है, जिससे स्कूल में बच्चे सुस्ती महसूस करने लगते हैं।
वहीं, सैंडविच बनाने के लिए अक्सर सफेद ब्रेड, मक्खन, आलू और चीज की जरूरत पड़ती है, जो पोषण की भारी कमी पैदा कर सकते हैं। सफेद ब्रेड मैदा से बनी होती है, जिसमें फाइबर नहीं होता। यही वजह है कि इसे खाने से बच्चों को बार-बार भूख लगती है और यह मोटापे का बड़ा कारण बन सकता है।
अक्सर माता-पिता मीठे स्नैक्स जैसे चॉकलेट, कैंडी, कुकीज, केक और मिठाइयां स्कूल लंच में पैक कर देते हैं। ऐसी चीजों में चीनी की मात्रा बहुत ज्यादा होने से दांतों में सड़न हो सकती है और बच्चे का एनर्जी लेवल एकदम गिर सकता है, जिससे उन्हें जल्दी थकान महसूस होने लगती है।
इसी तरह, बच्चे के लंच में मसालेदार खाना जैसे तीखी चटनी, मसालेदार सब्जियां या मिर्ची वाले स्नैक्स भी पैक न करें। जरूरत से ज्यादा मसाले बच्चों के नाजुक पेट को नुकसान पहुंचाकर उनके लिए स्कूल में असुविधा पैदा कर सकते हैं।
सबसे ज्यादा पसंद की जाने वाली मैगी या इंस्टेंट नूडल्स का प्यार तो बच्चों से लेकर बड़ों में देखा जाता है, लेकिन सुबह की पहली मील में इसका सेवन सेहत को बहुत नुकसान पहुंचा सकता है। इसमें मौजूद प्रिजर्वेटिव, सोडियम और मैदा बच्चों के पाचन तंत्र को पूरी तरह खराब कर सकते हैं। इसलिए अपने लाडले के स्वास्थ्य से समझौता न करें और उन्हें सेहतमंद विकल्प ही दें।
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