अपनी भाषा चुनेें :
बटन दबाकर थोड़ा इंतज़ार करें...
Health Desk: आज के दौर में महिलाएं सुपरवुमन की तरह घर की रसोई से लेकर ऑफिस की फाइलों तक सब कुछ संभाल रही हैं। लेकिन इस भागदौड़ में अक्सर वे अपनी सेहत को पीछे छोड़ देती हैं। नतीजा? वक्त से पहले थकान, चिड़चिड़ापन और सबसे बड़ी समस्या—हार्मोनल इम्बैलेंस। अगर आप भी पीसीओडी (PCOD), अनियमित पीरियड्स या रातों की उड़ती नींद से परेशान हैं, तो दवाइयों से पहले अपनी चटाई (Yoga Mat) बिछाने का वक्त आ गया है।
Read more: लगातार खांसी और सांस फूलना? हो सकता है बड़ा खतरा
योग विशेषज्ञों का मानना है कि महिलाओं के लिए सूर्य नमस्कार किसी वरदान से कम नहीं है। यह सिर्फ 12 आसनों का समूह नहीं, बल्कि एक संपूर्ण वर्कआउट है जो सीधे हमारी एंडोक्राइन ग्रंथियों (थायरॉइड और पैंक्रियाज) पर काम करता है।
हार्मोनल लोचा और PCOD का परमानेंट इलाज— ज्यादातर महिलाएं आज थायरॉइड या पीसीओडी जैसी समस्याओं से जूझ रही हैं। सूर्य नमस्कार के दौरान जब शरीर में खिंचाव और दबाव बनता है, तो पेल्विक एरिया (पेड़ू) में रक्त का प्रवाह तेज होता है। इससे गर्भाशय और अंडाशय की कार्यक्षमता सुधरती है, जिससे मासिक धर्म चक्र नियमित होने लगता है। साथ ही, यह मेटाबॉलिज्म को बूस्ट कर जिद्दी वजन घटाने में भी रामबाण साबित होता है।
Read more: कब्ज और गैस से परेशान? उदराकर्षणासन से पाएं राहत
तनाव की छुट्टी, गहरी नींद की गारंटी— लगातार स्क्रीन के सामने बैठने या घरेलू काम के बोझ से पीठ और गर्दन का दर्द आम हो गया है। सूर्य नमस्कार न केवल आपके पॉश्चर को ठीक करता है, बल्कि मांसपेशियों को लचीला बनाकर आत्मविश्वास भी जगाता है। सबसे खास बात—जब आप सांसों के तालमेल के साथ इसे करती हैं, तो दिमाग से ‘कोर्टिसोल’ (तनाव हार्मोन) कम होता है। इसका सीधा असर आपकी नींद पर पड़ता है; रात को आप घोड़े बेचकर सोएंगी और सुबह ताज़गी के साथ उठेंगी।
कैसे करें शुरुआत?— इसके लिए किसी जिम या भारी मशीनों की जरूरत नहीं। बस सुबह खाली पेट 4 से 6 राउंड से शुरू करें। अगर सुबह वक्त न मिले, तो शाम को भी इसे किया जा सकता है। यह छोटा सा निवेश आपको ताउम्र स्वस्थ और ऊर्जावान बनाए रखेगा।

