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Tehran, (Iran): इजरायल के ‘ऑपरेशन लायन्स रोअर’ (Operation Lion’s Roar) से उपजे नेतृत्व संकट के बीच ईरान ने अपनी सबसे शक्तिशाली सैन्य इकाई, इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC), के नए प्रमुख की घोषणा कर दी है। अनुभवी सैन्य अधिकारी और पूर्व रक्षा व गृह मंत्री ब्रिगेडियर जनरल अहमद वाहिदी को ईरान का नया कमांडर-इन-चीफ नियुक्त किया गया है।
नेतृत्व में बदलाव और रणनीतिक संकट
ईरानी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इजरायली हमलों में जनरल मोहम्मद पाकपुर समेत कई शीर्ष सैन्य और राजनीतिक हस्तियों के मारे जाने की खबरों के बाद यह फैसला लिया गया है। अहमद वाहिदी पिछले छह महीनों से अंतरिम प्रमुख के रूप में कार्य कर रहे थे, लेकिन युद्ध की भीषण स्थिति को देखते हुए उन्हें अब पूर्ण कमान सौंप दी गई है। वाहिदी को ईरान की सुरक्षा रणनीति और क्षेत्रीय ऑपरेशनों का विशेषज्ञ माना जाता है।
मिनाब स्कूल त्रासदी: मौतों का आंकड़ा 148 पार
इधर, दक्षिणी ईरान के मिनाब शहर से दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। लड़कियों के जिस एलीमेंट्री स्कूल पर शनिवार को अमेरिका-इजरायल की बमबारी हुई थी, वहां मरने वालों की संख्या बढ़कर 148 हो गई है। सैटेलाइट इमेज के हवाले से अलजजीरा ने बताया है कि यह स्कूल साल 2016 से ही सैन्य बेस से पूरी तरह अलग था, फिर भी इसे निशाना बनाया गया। इस घटना ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मानवाधिकारों और युद्ध अपराधों को लेकर बहस छेड़ दी है।
ईरान का छठा पलटवार: 27 अमेरिकी बेस पर हमला
नवनियुक्त कमांडर वाहिदी के नेतृत्व में IRGC ने अपने हमलों का ‘छठा राउंड’ शुरू कर दिया है। ईरान का दावा है कि उसने मध्य पूर्व में स्थित 27 अमेरिकी सैन्य अड्डों पर बड़े पैमाने पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं। इसके अलावा, इजरायल के भीतर तेल नोफ एयरबेस, तेल अवीव स्थित सेना के कमांड हेडक्वार्टर (हाकिर्या) और एक बड़े डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉम्प्लेक्स को भी निशाना बनाया गया है।
‘कठोर बदले’ का संकल्प
ईरानी सेना ने स्पष्ट किया है कि यह केवल शुरुआत है और वे जल्द ही ‘बदले का एक अलग और कठोर कदम’ उठाएंगे। अहमद वाहिदी की नियुक्ति इस बात का संकेत है कि ईरान अब अधिक आक्रामक और संगठित तरीके से जवाबी कार्रवाई की तैयारी कर रहा है।
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